खाप पंचायतों पर बैन न लगने से नाराज सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से केंद्र सरकार को निर्देश दिए गए हैं कि अगर वे खाप पंचायतों को बैन नहीं करती है तो कोर्ट को कदम उठाने पड़ेंगे। कोर्ट ने कहा कि इस तरह का हस्तक्षेप खासकर अंतरजातीय विवाह में, पूरी तरह से अवैध है।
कोर्ट ने कहा कि खाप पंचायत या किसी को भी हक नहीं है कि वो बालिग जोड़े को लव मैरिज से रोके और न ही उस शादी पर सवाल उठा सके।
तीन जजों की संवैधानिक पीठ ने यह निर्देश दिए हैं और इसकी अध्यक्षता चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा कर रहे हैं। जजों में एएम खानविल्कर और डीवाई चंद्रचूड़ भी शामिम है। बताया जा रहा है कि कोर्ट केंद्र की ओर से खाप पंचायत पर रोक न लगा पाने पर काफी नाराज है।