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SC: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट 30-40 पन्नों के आदेश पर जताई आपत्ति, गिरफ्तारी पूर्व जमानत आदेश को घृणित बताया

Fri, 21 Feb 2025 07:10 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

SC: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के 30-40 पन्नों के अग्रिम जमानत आदेश पर आपत्ति जताते हुए इसे 'घृणित' बताया। कोर्ट ने चिकित्सा पेशेवर आधार खेरा की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा और खेरा को गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान की।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट के 30 से 40 पन्नों के एक अग्रिम जमानत आदेश पर आपत्ति जताई। शीर्ष कोर्ट ने इसे 'घृणित' बताया। 

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जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस कोटिस्वर सिंह की बेंच हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। जिसमें कहा गया था, दिल्ली हाईकोर्ट में जो कुछ भी हो रहा है, वह घृणित है। हाईकोर्ट का 30-40 पन्नों में अग्रिम जमानत के आवेदन पर फैसला करना यह बता रहा है कि निचली अदालत को यहां दोषी ठहराने की वजह मिल गई है। मूल रूप से यह एक दोषसिद्धी का आदेश है। 

चिकित्सा पेशेवर की याचिका पर सुनवाई कर रही थी बेंच
शीर्ष कोर्ट धोखाधड़ी के एक मामले में चिकित्सा पेशेवर आधार खेरा की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। खेरा ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसने छह फरवरी को अपने 34 पन्नों के आदेश में उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया था। 
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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से मांगा जवाब
खेरा की ओर से वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा पेश हुए। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता के पिता ही उस फर्म को चला रहे थे, जिसमें खेरा और उनकी मां शामिल थे। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने खेरा की भूमिका को उनके पिता के समान मानते हुए अग्रिम जमानत से इनकार किया, जबकि उन्होंने मामलें की जांच में सहयोग किया था। लूथरा ने दलील दी कि मामले में आरोपपत्र भी दाखिल किया जा चुका है। इसके बाद बेंच ने दिल्ली पुलिस से जवाब मांग और खेरा को गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान की। 

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