Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को सैंटियागो मार्टिन, उनके परिवार और कर्मचारियों से जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों (जैसे मोबाइल फोन और लैपटॉप) का डाटा निकालने और उसकी कॉपी बनाने से रोक दिया। इस आदेश के कारण जांच एजेंसियों को भविष्य में मोबाइल फोन या लैपटॉप से डाटा निकालने से पहले विचार करना पड़ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को ‘लॉटरी किंग’ के नाम से प्रसिद्ध सैंटियागो मार्टिन, उसके रिश्तेदारों और कर्मचारियों के खिलाफ छापेमारी के दौरान जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का डाटा निकालने और उसकी प्रति (कॉपी) बनाने से रोक दिया। शीर्ष कोर्ट ने यह आदेश ‘फ्यूचर गेमिंग एंड होटल्स सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड’ (एफजीएचएसपीएल) और मार्टिन की याचिका पर पारित किया था। इस आदेश के बाद जांच एजेंसियों को आरोपियों के मोबाइल फोन या लैपटॉप जब्त करने का निर्णय लेने से पहले पुनर्विचार करना पड़ सकता है।
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केंद्र सरकार और ईडी को जारी किए नोटिस
यह आदेश इस तरह के मामलों में आरोपी व्यक्तियों के लिए मददगार हो सकता है। जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस पंकज मिथल की पीठ ने कहा, नोटिस जारी किया जाता है और इस बीच, अर्जी को ध्यान में रखते हुए अंतरिम राहत प्रदान की जाती है। पीठ ने याचिका पर केंद्र, ईडी और उसके अधिकारियों को नोटिस जारी किए और इस पर लंबित मामलों के साथ 17 फरवरी, 2025 को सुनवाई की तारीख तय की। अन्य मामलों में अमेजन इंडिया के कर्मचारी और 2023 न्यूज क्लिक मामला शामिल है, जहां याचिकाकर्ताओं ने जांच एजेंसियों द्वारा डिजिटल उपकरणों को जब्त करने के लिए दिशानिर्देश मांगे हैं।
ईडी ने 22 स्थानों पर की थी छापेमारी
ईडी सूत्रों ने कहा कि उन्होंने आदेश देखा है और डिजिटल रिकॉर्ड के अलावा मामले में उनके पास अन्य विश्वसनीय साक्ष्य भी बरामद हुए हैं। मेघालय पुलिस की एक शिकायत के बाद नवंबर में छह राज्यों में 22 स्थानों पर की गई छापेमारी की गई थी, जिसमें मार्टिन की कंपनी ‘फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड’ पर राज्य में लॉटरी कारोबार पर अवैध रूप से एकाधिकार करने का आरोप लगाया गया था। इस छापेमारी के दौरान 12.41 करोड़ रुपये की नकदी भी प्राप्त हुई थी। फ्यूचर गेमिंग के वकीलों ने दलील दी कि जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सामग्री हासिल करना गोपनीयता और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।