फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

NGO फंड मामले में तीस्ता सीतलवाड़ को राहत नहीं, SC ने कहा- ट्रायल का करें सामना

Mon, 10 Jul 2017 01:08 PM IST
amarujala.com- presented by: मनीष कुमार
विज्ञापन
- फोटो : Getty Images
विज्ञापन
तीस्ता सीतलवाड़ और उनके पति को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और उन्हें फंड दुरुपयोग मामले में ट्रायल का सामना करना पड़ेगा। इससे पहले गुजरात सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उन्होंने एनजीओ को मिले पैसे का इस्तेमाल शराब में लुटा दिया।
विज्ञापन


जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस ए.एम.खानविलकर की पीठ तीस्ता और उनके पति के बैंक खातों को फ्रीज करने के मामले में सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान एडीशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि तीस्ता ने NGO के पैसे का इस्तेमाल अपने निजी खर्चों और शराब पर किया।

गुजरात सरकार के वकील मेहता ने कहा कि तीस्ता ने शराब पर किए खर्चों को धर्मनिरपेक्ष शिक्षा की श्रेणी में दिखाया। सरकारी वकील ने कोर्ट से तीस्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ की इजाजत मांगी। वहीं तीस्ता के वकील कपिल सिब्बल और अपर्णा भट्ट ने कहा कि तीस्ता की छवि खराब करने के लिए शराब सेवन का मुद्दा उठाया जा रहा है। 
विज्ञापन


सिब्बल ने कहा कि फोर्ड फाउंडेशन ने शराब सहित सभी व्ययों को मंजूरी दी है। पिछले 7 सालों में शराब पर केवल 7,850 रूपये खर्च किये गये जोकि कोई अपराध नहीं है। सिब्बल ने यह भी कहा कि जब फाउंडेशन ने कोई शिकायत नहीं की तो अपराध का सवाल ही नहीं उठता। सिब्बल ने तीस्ता का बचाव करते हुए यह भी कहा कि तीस्ता ने किसी के साथ धोखा नहीं किया। तीस्ता को पैसे सरकार ने नहीं बल्कि फाउंडेशन ने दिए थे। और अपने काम के लिए लोगों से मिलना और उनके सत्कार के लिए पैसा खर्च करना गलत नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें