सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के पूर्व लोकसभा सांसद प्रभुनाथ सिंह को एक सितंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के सामने पेश होने की अनुमति दे दी है। शीर्ष अदालत एक सिंतबर को 1995 के दोहरे हत्याकांड मामले में प्रभुनाथ सिंह को दी जाने वाली सजा की अवधी पर सुनवाई करेगी। इससे पहले शीर्ष अदालत ने 18 अगस्त को बिहार के सिवान जिले के महाराजगंज से कई बार के पूर्व सांसद सिंह को हत्या के मामले में बरी करने के निचली अदालत और पटना उच्च न्यायालय के फैसले को रद्द कर दिया था। सिंह ने जद (यू) और राजद सांसद दोनों के रूप में महाराजगंज का प्रतिनिधित्व किया है।
निचली अदालत ने दे दी थी रिहाई
पहले यह मामला निचली अदालत में पहुंचा था। 2008 में सबूतों अभाव में यहां से पूर्व सांसद को रिहाई मिल गई थी। इसके बाद यह मामला पटना हाईकोर्ट में पहुंचा। 2012 में पटना हाईकोर्ट में जब मामला गया तो यहां पर निचली अदालत के फैसले को सही माना। इस फैसले के विरोध में राजेंद्र राय के भाई ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
एमएलए अशोक सिंह हत्याकांड में सजा काट रहे
बता दें कि पूर्व सांसद मसरख के तत्कालीन एमएलए अशोक सिंह की हत्या में जेल में सजा काट रहे हैं। 2017 में कोर्ट ने इस मामले में प्रभुनाथ सिंह को दोषी करार दिया था। पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह 2010 से राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के साथ हैं। वह लालू प्रसाद के करीबी भी माने जाते हैं।