अदालत के फैसले पर खुशी
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अदालत ने कहा कि वास्तव में 30 प्रतिशत महिलाएं लड़ाकू क्षेत्रों में तैनात हैं। महिलाओं को सेना में स्थायी कमीशन देने से मना करना रुढ़िवादी पूर्वाग्रहों का प्रतिनिधित्व करते हैं। अदालत के फैसले के बाद अब महिलाएं सेवानिवृत्त होने तक अपनी सेवाएं दे सकती हैं। इस फैसले का लाभ 14 साल की सेवा दे चुकी महिलाओं पर भी लागू होगा।
तीन महीने के अंदर महिला अधिकारियों को दिया जाए स्थायी कमीशन
उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार को आदेश दिया कि सेना में स्थायी कमीशन का चुनाव करने वाली सभी महिला अधिकारियों को तीन महीने के भीतर स्थायी कमीशन दिया जाए। अपने आदेश में अदालत ने कहा कि महिला अधिकारी भी सेना में कमांड पोस्ट पर नियुक्ति के लिए पात्र होंगी।
मीनाक्षी लेखी ने किया फैसले का स्वागत
उच्चतम न्यायालय की वकील और भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने अदालत के फैसले पर कहा, 'अदालत का यह शानदार फैसला है। सरकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति को लागू किया गया है। अब अदालत ने इसे लागू कर दिया है और उन अधिकारियों को फटकार लगाई है जो इसे लागू नहीं कर रहे थे।'
फैसले पर लेफ्टिनेंट कर्नल सीमा सिंह ने जताई खुशी
अदालत के फैसले पर लेफ्टिनेंट कर्नल सीमा सिंह ने कहा, 'यह एक प्रगतिशील और ऐतिहासिक फैसला है। महिलाओं को बराबर का अधिकार दिया जाना चाहिए।'