याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ दवे ने दलील दी कि इमारत को गिराने का निर्देश देने वाला आदेश अवमानना के एक मामले में पारित किया गया है जो लंबित है और याचिकाकर्ताओं को अभी तक दोषी नहीं पाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को कलकत्ता हाईकोर्ट के तीन फरवरी के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी, जिसमें एक इमारत को गिराने का निर्देश दिया गया था। जस्टिस वी रामसुब्रमण्यम और जस्टिस हृषिकेश रॉय की पीठ ने विशेष सुनवाई में नोटिस जारी किया और पक्षकारों से जवाब मांगा।
विज्ञापन
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ दवे ने दलील दी कि इमारत को गिराने का निर्देश देने वाला आदेश अवमानना के एक मामले में पारित किया गया है जो लंबित है और याचिकाकर्ताओं को अभी तक दोषी नहीं पाया गया है।
बेंच ने कहा, यदि अदालत अब विध्वंस करती है और अंततः याचिकाकर्ताओं को अवमानना का दोषी नहीं पाती है, तो एक और क्षतिपूर्ति होनी चाहिए जो कानून में स्वीकार्य नहीं है। उपरोक्त को ध्यान में रखते हुए 14 मार्च, 2023 को वापस करने योग्य नोटिस जारी करें। सुनवाई की अगली तारीख तक आक्षेपित आदेश का अंतरिम निलंबन होगा।