भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। धोनी पर आंध प्रदेश के अनंतपुर इलाके में धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप था। इसके बाद पूर्व कप्तान धोनी पर आंध्र प्रदेश की अनंतपुर की अदालत में केस चल रहा था। जिसको गुरूवार को सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए रद्द कर दिया कि कप्तान धोनी ने जानबूझकर या किसी दुर्भावना के साथ यह काम नहीं किया है।
सर्वोच्च कोर्ट ने कहा कि अगर धोनी के खिलाफ कार्रवाई होती है तो ये कानून का मखौल उड़ाना होगा। मैगजीन मामले पर कोर्ट में धोनी के केस की आज सुनवाई थी। गौरतलब है कि अप्रैल 2013 में एक मैगजीन ने अपने कवर पेज पर महेंद्र सिंह धोनी की भगवान विष्णु के रूप में एक फोटो छापी थी। इसके बाद एक सामाजिक कार्यकर्ता ने धोनी के खिलाफ लोगों की धार्मिक भावना को आहत करने के आरोप में आंध्र प्रदेश के अनंतपुर कोर्ट केस दर्ज किया गया।
इस केस में धोनी के खिलाफ 2016 में गैरजमानती वारंट जारी किया था। मगर पिछले साल सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने धोनी बड़ी राहत देते हुए बेंगलुरु की निचली अदालत में उनके खिलाफ चल रहे मामले को खारिज कर दिया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने आज सुनावई करते हुए इस मामले को पुरी तरह से रद्द कर दिया। साथ ही मैगजीन के संपादक के खिलाफ चल रहे केस को भी कोर्ट ने रद्द कर दिया।