Supreme Court: न्यायमूर्ति एएस ओका और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि इस मामले में अब कुछ नहीं बचा है। पीठ ने कहा, ''आप अब किसके फायदे के लिए राहत मांग रहे हैं? आप एक ऐसे व्यक्ति के लाभ के लिए राहत की मांग कर रहे हैं जो अब नहीं है।
उच्चतम न्यायालय ने गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के सहयोगी संजीव माहेश्वरी जीवा की पत्नी की याचिका का शुक्रवार को निस्तारण कर दिया। संजीव की पत्नी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें उसके पति को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने की उसकी याचिका खारिज कर दी गई थी। बता दें कि मुख्तार अंसारी के करीबी संजीव महेश्वरी जीवा की पिछले दिनों लखनऊ में कोर्ट परिसर में गोली मारकर हत्यार कर दी गई थी।
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न्यायमूर्ति एएस ओका और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि इस मामले में अब कुछ नहीं बचा है। पीठ ने कहा, ''आप अब किसके फायदे के लिए राहत मांग रहे हैं? आप एक ऐसे व्यक्ति के लाभ के लिए राहत की मांग कर रहे हैं जो अब नहीं है। पीठ ने कहा, 'अगर हम इस आदेश (उच्च न्यायालय के) को रद्द भी कर देते हैं तो क्या हम आपको वह राहत दे सकते हैं जो उच्च न्यायालय के समक्ष मांगी गई थी?' शीर्ष अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता ने अपने पति के लाभ के लिए उच्च न्यायालय से राहत मांगी थी, जो अब मर चुका है।
पीठ ने कहा, ''अब यह स्वीकार्य स्थिति है कि याचिकाकर्ता का पति नहीं रहा। इसलिए इस एसएलपी (विशेष अनुमति याचिका) में कोई राहत नहीं दी जा सकती। पीठ ने कहा, इसलिए एसएलपी का निपटारा किया जाता है।" लखनऊ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे जीवा (48) की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जब उसे एक मामले में सुनवाई के लिए लखनऊ की अदालत में लाया गया था।
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उच्च न्यायालय ने पांच मई के अपने आदेश में राज्य सरकार के वकील की इस दलील पर गौर किया था कि याचिकाकर्ता ने पहले याचिका दायर की थी और उच्च न्यायालय की समन्वय पीठ ने फरवरी 2018 में उत्तर प्रदेश पुलिस प्रमुख और मैनपुरी जिला जेल के अधीक्षक को यह निर्देश देते हुए मामले का निपटारा कर दिया था कि याचिकाकर्ता के पति की उचित देखभाल करे और यह सुनिश्चित करे कि कारावास के दौरान उसे कोई चोट न पहुंचे।
शीर्ष अदालत ने नौ जून को एक आपराधिक मामले में अग्रिम जमानत के लिए जीवा की पत्नी की एक अलग याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था। शीर्ष अदालत ने कहा था कि जीवा का अंतिम संस्कार पहले ही हो चुका है।