सुप्रीम कोर्ट ने रियल इस्टेट कंपनी यूनिटेक लिमिटेड को सितंबर तक 15 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया है, जिससे कि निवेशकों को पैसे वापस किए जा सकें। ये वैसे निवेशक हैं जिन्होंने गुडगांव में यूनिटेक के प्रोजेक्ट विस्टा में फ्लैट बुक कराया था। इन्हें वर्ष 2012 में फ्लैट का कब्जा मिलना था लेकिन अब तक नहीं मिला है।
लोगों को फ्लैट न मिलने से नाराज न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने यूनिटेक को दो हफ्ते के भीतर पांच करोड़ रुपये जमा करने के लिए कहा है और बाकी रकम सितंबर के अंत तक जमा करने का निर्देश दिया है। यूनिटेक को यह रकम सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में जमा करने के लिए कहा गया है। सुप्रीम कोर्ट केपास 38 निवेशक आए हैं जो रकम वापस लेना चाहते हैं। पीठ ने यूनिटेक को यह रकम इसलिए जमा करने के लिए कहा है जिससे कि इन निवेशकों को पैसे वापस किए जा सके।
पीठ ने यूनिटेक को दोटूक कहा कि आपकी अपील पर तभी सुनवाई करेंगे जब तक आप इन निवेशकों को मूलधन वापस नहीं करेंगे। एक तरह प्रोजेक्ट भी पूरा नहीं हो रहा है और निवेशकों को पैसे भी नहीं लौटाए जा रहे हैं, ऐसा नहीं होना चाहिए। जो निवेशक पैसा वापस लेना चाहते हैं, उनकेपैसे लौटाए जाएं। पीठ ने कहा कि फिलहाल हम मूलधन की बात कर रहे हैं। ब्याज की बाद में चर्चा होगी।
इस पर यूनिटेक की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने कहा कि हमें निवेशकों की चिंता है। ऐसे निवेशकों को किराए पर वैकल्पिक घर मुहैया कराया जा सकता है। जिस पर पीठ ने कहा कि इसका मतलब वे एक घर से दूसरे घर जाते-आते रहे। पीठ ने उनकी दलीलों को नकारते हुए 15 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई अब चार अक्टूबर होगी। मालूम हो कि पिछली सुनवाई में यूनिटेक ने कहा कि उसकेपास निवेशकों को लौटाने के लिए पैसे नहीं हैं।