सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों से हटाए गए नामों से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए एक अपीलीय ट्रिब्यूनल गठित करने का महत्वपूर्ण निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि इन ट्रिब्यूनल में हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीशों और पूर्व न्यायाधीशों को शामिल किया जाएगा ताकि नाम हटाने से जुड़े मामलों में निष्पक्ष और स्वतंत्र अपील तंत्र मुहैया कराया जा सके।
पीठ ने कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश कुछ पूर्व मुख्य न्यायाधीशों और दो या तीन हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीशों के नाम सुझा सकते हैं, जिन्हें चुनाव आयोग की तरफ से अधिसूचना जारी करके अपीलीय ट्रिब्यूनल के रूप में नियुक्त किया जाएगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इन ट्रिब्यूनल सदस्यों को दिया जाने वाला मानदेय कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश तय करेंगे और पूरा खर्च चुनाव आयोग वहन करेगा।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से दो प्रमुख मुद्दे उठाए गए। पहला, उन व्यक्तियों के लिए अपील की व्यवस्था से जुड़ा था जिनके दावे एसआईआर प्रक्रिया में तैनात न्यायिक अधिकारियों की तरफ से खारिज कर दिए जाते हैं। दूसरा मुद्दा उन लोगों की पूरक सूची के प्रकाशन से संबंधित था जिनकी आपत्तियों का पहले ही निपटारा किया जा चुका है। इस पर अदालत ने कहा कि दोनों पक्ष इस संबंध में कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष अपनी बात रख सकते हैं।