सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पटाखों पर प्रतिबंध से संबंधित एक याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि दिवाली नजदीक है और लोगों ने पटाखों के कारोबार में पैसा लगाया होगा। मुख्य न्यायाधीश यू यू ललित और और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की पीठ ने कहा, क्षमा करें। हम अभी उस मामले को सूचीबद्ध नहीं करेंगे। दिवाली नजदीक है। आप समय से पहले आएं। लोगों ने पटाखों के कारोबार में पैसा लगाया होगा। आपको दो महीने पहले आना चाहिए था।
पीठ ने वकील से कहा, हम इस मामले से नहीं निपट सकते। इसके परिणामों को देखें। कोई निर्देश लागू करने पर वे लोग काम से बाहर हो जाएंगे। वकील ने पीठ को बताया कि मामला इस साल दिल्ली और कुछ अन्य राज्यों में पटाखों पर प्रतिबंध से संबंधित है। पीठ ने कहा, क्षमा करें। यह दिवाली के बाद किया जाएगा। शीर्ष अदालत ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में एक जनवरी, 2023 तक सभी प्रकार के पटाखों के भंडारण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के आदेश के खिलाफ एक याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया।
शीर्ष अदालत ने तत्काल सुनवाई की मांग करने वाल वकील से कहा कि वह दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएं। दिल्ली उच्च न्यायालय ने पहले पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध के खिलाफ ग्रीन पटाखा व्यापारियों की याचिका पर सुनवाई 1 जनवरी तक के लिए टाल दी थी। शीर्ष अदालत ने 10 अक्टूबर को दिल्ली सरकार के सभी किस्मों के भंडारण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।
राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण के स्तर की जांच के लिए 1 जनवरी तक पटाखों की बिक्री मामले में आदेश देते हुए कहा था कि वह वायु प्रदूषण में और इजाफा नहीं करना चाहती। शीर्ष अदालत ने पिछले साल स्पष्ट किया था कि पटाखों के उपयोग पर कोई पूर्ण प्रतिबंध नहीं है और केवल वे आतिशबाजी जिनमें बेरियम लवण होते हैं, प्रतिबंधित हैं।