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VVPAT की पर्ची पर रिटर्निंग अधिकारी के निर्णय पर आदेश नहीं: सुप्रीम कोर्ट

Tue, 21 Nov 2017 05:19 AM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
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वीवीपैट मशीन
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 सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वीवीपैट मशीनों से निकलने वाली पर्ची की गणना पर रिटर्निंग अधिकारी के निर्णय पर अभी से कोई आदेश देने से इनकार कर दिया। गुजरात चुनाव को लेकर दाखिल याचिका में रिटर्निंग अधिकारी के अधिकार को सीमित करने की मांग की गई थी। 
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कोर्ट ने कहा कि मामले में कोई अग्रिम फैसला नहीं दिया जा सकता है और चुनाव के परिणाम को लेकर विवाद होने पर चुनाव याचिका के जरिए चुनौती दी जा सकती है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा की पीठ ने गुजरात जनचेतना पार्टी के अध्यक्ष की याचिका को खारिज कर दिया। पीठ में जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ भी शामिल हैं। 

याचिकाकर्ता के वकील देवदत्त कामत ने चुनाव नियमावली 56(डी)(2) का विरोध किया जिसमें रिटर्निंग अधिकारी को वीवीपैट से निकलने वाली पर्ची की गणना से इनकार करने का अधिकार दिया गया है। 
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गुजरात विधानसभा चुनाव में वीवीपैट मशीनों के इस्तेमाल की अनुमति दी थी

मतदाता-सत्यापित पेपर ऑडिट ट्रायल
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात विधानसभा चुनाव में वीवीपैट मशीनों के इस्तेमाल की अनुमति दी थी लेकिन चुनाव नियमावली से रिटर्निंग अधिकारी को पर्ची की गणना से इनकार करने का असीमित अधिकार मिल जाता है और इसे चुनौती भी नहीं दी जा सकती है।  

10 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट उस याचिका की सुनवाई करने पर सहमत हो गया था, जिसमें कहा गया था कि वीवीपैट मशीनों से निकलने वाली पर्चियां कुछ समय बाद खराब हो जाती है और उनमें दर्ज सूचना अपने आप गायब होने लग जाती है। 

याचिका में मांग की गई थी कि ऐसी कोई व्यवस्था बनाई जाए, जिसमें पर्चियों पर लिखी बातें कम से कम दो साल तक सुरक्षित रहे। इसमें ही मांग की गई थी कि वीवीपैट मशीन से निकलने वाली पर्चियों की गणना विधानसभा व संसदीय क्षेत्र के अनुसार की जाए। 
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