समन्वय समिति ने कहा, 'हम भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश और सर्वोच्च न्यायालय के सभी अन्य न्यायाधीशों से अनुरोध करते हैं कि वे अपनी अदालतों को व्यवस्थित करें। हमारा मानना है कि इस तरह के मुद्दों को हल करने के लिए कोई कानूनी व्यवस्था नहीं थी इसलिए यह घटना हुई।'
दिल्ली बार एसोसिएशन के अन्य सदस्य ने कहा है कि, 'यदि मामले 7 से 10 दिनों में नहीं सुलझता है तो हम भारत के सभी बार एसोसिएशन के साथ बैठक कर चर्चा करेंगे। और जरूरत पड़ी तो हम लोगों को जागरूक करने के लिए सड़कों पर भी उतरेंगे।