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शशिकला जाएंगी जेल, पन्नीरसेल्वम बनेंगे सीएम या किसी और का खुलेगा भाग्य?

Tue, 14 Feb 2017 01:48 PM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
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पनीरसेल्वम
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शशिकला को सुप्रीम कोर्ट से दोषी करार देने के बाद अब तमिलनाडु की राजनीति में संकट और गहरा हो गया है। अब सबकी निगाहें गवर्नर विद्यासागर राव पर टिकी है, क्योंकि गेंद पूरी तरह से उनके पाले में है।
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क्या राज्यपाल ओ.पन्नीरसेल्वम को विधानसभा में बहुमत परीक्षण का मौका देंगे या शशिकला गुट किसी दूसरे चेहरे को सीएम के नाम के लिए आगे करेगी। क्योंकि इतना तय हो गया कि शशिकला अब राज्य की मुख्यमंत्री नहीं बन सकती हैं। तो क्या अब किसी दूसरे नेता को विधायक दल का नेता चुना जाएगा। क्योंकि शशिकला गुट पहले से ही इस तैयारी में थी कि अगर सुप्रीम कोर्ट उन्हें दोषी ठहरता है तो पार्टी के किसी अन्य नेता को सीएम के तौर पर सामने लाया जाएगा।

शशिकला गुट किसी भी हाल में पन्नीरसेल्वम को अपना समर्थन देना नहीं चाहता। वहीं, अब पन्नीरसेल्वम की स्थिति और मजूबत हो जाएगी, क्योंकि शशिकला को दोषी ठहराए जाने के बाद पार्टी के कई अन्य नेता अब इनके पाले में आ सकते हैं। तो क्या राज्यपाल पहले पन्नीरसेल्वम को मौका देंगे। लेकिन पन्नीरसेल्वम को लेकर पेंच ये है कि वो अपना इस्तीफा वापस नहीं ले सकते हैं, क्योंकि राज्यपाल ने उसे मंजूर कर लिया है।
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वो जितना भी संभव हो उतने विधायकों का समर्थन जुटाएं। हालांकि, उन्होंने 50 से अधिक विधायकों का समर्थन होने का दावा किया है।  'बी प्लान' के तहत शशिकला पार्टी के प्रिसिडियम चेयरमैन केए सेंगोटि्टयान और मंत्री ईके पलानीस्वामी का नाम बतौर सीएम आगे करने का फैसला ले सकती हैं। क्योंकि शशिकला गुट को लग रहा है कि ऐसा करने से पन्नीरसेल्वम के पक्ष में जो माहौल बना है, वो कम हो जाएगा और पार्टी के अधिकांश नेता एक साथ आ जाएंगे। 

अगर राज्यपाल ने उन्हें पहले विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए कहते हैं तो वो अधिक विधायकों के समर्थन की उम्मीद कर सकते हैं।
विधानसभा में अलग गुट बनाने के लिए उन्हें कम से कम 90 विधायकों की जरूरत होगी। यह संख्या एआईएडीएमके के 133 विधायकों की दो तिहाई है। तमिलनाडु की विधानसभा में 234 सीट है। जयललिता के निधन की वजह से एक सीट खाली है।

वहीं केंद्र सरकार यह नहीं चाहती है कि शशिकला या पन्नीरसेल्वम में से किसी ग्रुप को तमिलनाडु के राज्यपाल सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करें। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि केंद्र सरकार चाहती है कि राज्यपाल असेंबली में बहुमत परीक्षण कराएं। 

 
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तमिलनाडु
वहीं अब शशिकला गुट को सबसे पहले विधायक दल का नेता चुनना पड़ेगा, क्योंकि वो अब मुख्यमंत्री नहीं बन सकती। इस गुट को जल्द से जल्द अपना नया विधायक दल के नेता के नाम की सूचना राज्यपाल को देनी होगी।

हालांकि अब शशिकला खुद ही मुख्यमंत्री पद के अयोग्य हो गई हैं । ऐसे पार्टी कार्यकर्ता और आम लोग जो शशिकला को पसंद नहीं करेंगे। ऐसे में लोग पनीरसेल्वम के समर्थन में सड़क पर उतर सकते हैं। शशिकला के समर्थक विधायक भी पाला बदल सकते हैं।

अगर राज्यपाल पनीरसेल्वम को दस दिन से अधिक समय बहुमत साबित करने के लिए देते हैं तो पार्टी के अधिक से अधिक विधायक उनके खेमे में चले जाएंगे।
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