वहीं सुनवाई के दौरान निगरानी समिति की ओर से पेश वकील एडीएन राव ने दिल्ली के वन क्षेत्र और जलाशयों में अतिक्रमण का भी मसला उठाया। उन्होंने एक रिपोर्ट दाखिल कर पीठ को बताया कि दिल्ली के कई जलाशय या तो सूख गए हैं या वहां अतिक्रमण है। इस पर दिल्ली सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि वह इस मामले में वन विभाग और दिल्ली जल बोर्ड द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर हलफनामा दाखिल करेंगे।
निगरानी समिति ने कहा, स्थानीय निकायों से नहीं मिल रहा सहयोग
वहीं निगरानी समिति ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है लेकिन उसे डीडीए सहित अन्य स्थानीय निकायों से उचित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। इस पर पीठ ने कहा कि तमाम अथॉरिटी व पुलिस से उम्मीद की जानी चाहिए कि वह कमेटी को पूरा सहयोग करेंगे जिससे कि काम सही तरीके से हो।
सुप्रीम कोर्ट ने एसटीएफ पर नाराजगी जताते हुए कहा कि स्पेशल टास्क फोर्स को इतने अधिकार दिए गए हैं फिर भी हमें नतीजे नहीं मिल रहे हैं। लगता है कि वह भी किसी के दबाव में काम कर रहा है। दरअसल निगरानी समिति ने अपने रिपोर्ट में दावा किया कि एसटीएफ न तो उससे संवाद कर रहा है और न ही अपनी कार्रवाई के बारे में जानकारी दे रहा है। पीठ ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि नि:संदेह एसटीएफ पर कोई दबाव बना रहा है। हम नहीं जानते ये बिल्डर हैं या फिर कोई अन्य। रिपोर्ट से लगाता है कि एसटीएफ किसी दबाव में है।