सुप्रीम कोर्ट ने अलग-अलग राज्यों में मुठभेड़ों में हुई हत्याओं पर मानवाधिकार आयोग की ओर से भेजे गए सवालों के जवाब दाखिल करने को कहा है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने जांच के लिए इन मुठभेड़ों से जुड़ी सूचनाएं मांगी थी।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ए एम सप्रे और जस्टिस आर भानुमति की पीठ ने राज्यों को इस मामले में अपने जवाब आठ सप्ताह में दाखिल करने को कहा है। राष्ट्रीय मानवाधकिार आयोग की ओर से पेश हुईं वकील शोभा ने कहा कि कुछ राज्यों ने एनएचआरसी के सवालों का जवाब भेजा है लेकिन कुछ ने नहीं।
सुप्रीम कोर्ट की एक बेेंच ने मंगलवार को एक सुनवाई के दौरान कहा कि एनजीओ इस कोर्ट का मजाक बना रहे हैं। इसने असम के धनी जमीन मालिकों के संगठन एक याचिका को अगंभीर बताते हुए खारिज कर दिया और 50000 रुपये जुर्माना लगा दिया।
राज्य सरकार ने पूर्वोत्तर में स्पेशल एक्सलरेटेड रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत दो लेन की सड़क बनाने के लिए इनकी जमीन का अधिग्रहण किया था। कोर्ट ने कहा आप लोग एनजीओ हैं और अपने निजी हक के लिए याचिका दायर कर रहे हैं।