सुप्रीम कोर्ट ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के एक पूर्व मुख्य सचिव को सोमवार को 21 वर्षीय महिला द्वारा उसके और अन्य के खिलाफ दायर सामूहिक बलात्कार मामले में अग्रिम जमानत के लिए निचली अदालत का रुख करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट की पीठ ने आरोपी जितेंद्र नारायण को नौ नवंबर को सत्र अदालत का दरवाजा खटखटाने का निर्देश दिया और कहा कि मामले पर 11 नवंबर तक फैसला किया जाए। आरोपी को जमानत के लिए आवेदन करने का अधिकार देने की बात कहते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरोपी को नौ नवंबर को सत्र अदालत का दरवाजा खटखटाने दें और मामले पर 11 नवंबर को सत्र अदालत द्वारा फैसला होने दें।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि आरोपी पहले ही सबूतों से छेड़छाड़ कर चुका है। मामले में आरोपी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने हालांकि अदालत को बताया कि शिकायत प्रेरित थी क्योंकि शिकायतकर्ता एक ऐसे व्यक्ति की बहू है जिसे पूर्व मुख्य सचिव ने सेवा से बर्खास्त कर दिया था। उन्होंने कहा कि मेरे मुवक्किल ने 17 दिनों में कुछ नहीं किया है। पुलिस पोर्ट ब्लेयर में पूर्व मुख्य सचिव के आवास के बाहर है और उन्होंने एक बेदाग करियर निभाया है और सिर्फ इसलिए कि उन्होंने किसी का रोजगार समाप्त कर दिया, यह सब हो रहा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि सरकारी नौकरी का झांसा देकर मुख्य सचिव के आवास पर लालच देकर नारायण और अन्य लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया है।
नीरव मोदी के बहनोई का खाता फ्रीज, अदालत ने दिया ये निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के बहनोई मैनक मेहता से कहा कि उन बैंकों को पत्र लिखें जहां सीबीआई ने उनके खातों की जांच की है और लेनदेन के ब्योरे प्राप्त करें। मेहता ने अदालत को बताया कि ईडी द्वारा शुरू की गई मनी लॉन्ड्रिंग जांच के बाद सिंगापुर सहित उनके बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया था। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हेमा कोहली की पीठ ने मेहता के वकील अमित देसाई से कहा कि उनके मुवक्किल को बैंकों को पत्र लिखकर उस अवधि के लेन-देन के ब्योरे के लिए अनुरोध करना चाहिए, जिसकी सीबीआई द्वारा जांच की जानी है।
पीठ ने कहा कि बैंकों के साथ सभी संचार का विवरण जांच एजेंसी के साथ साझा किया जाना चाहिए। केंद्रीय जांच ब्यूरो का प्रतिनिधित्व करते हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने कहा कि भले ही खाते जब्त हुए हों, लेकिन यह मेहता को एजेंसी द्वारा जांच की जा रही अवधि के लिए बैंक विवरण मांगने से नहीं रोकता है। पीठ ने कहा कि वह बैंक विवरण प्रस्तुत करने के बाद मेहता को विदेश यात्रा करने की अनुमति देगी और मामले की सुनवाई 14 नवंबर को तय कर दी। अदालत बॉम्बे हाईकोर्ट के 23 अगस्त के उस आदेश को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें मेहता को हांगकांग की यात्रा करने और तीन महीने तक वहां रहने की अनुमति दी गई थी।