ईवीएम के साथ छेड़छाड़ के आरोपों की जांच की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पीठ को आयोग के वकील ने बताया कि मायावती समेत कुछ दलों की ऐसी ही याचिकाओं पर दूसरी पीठ सुनवाई कर रही है।
आयोग ने बताया कि उस पीठ ने पहले ही नोटिस जारी कर रखा है, ऐसे में इस याचिका को भी उन याचिकाओं के साथ जोड़ दिया जाना चाहिए।
याचिकाकर्ता वकील एमएल शर्मा ने आयोग की दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि उनकी याचिका अलग है और सियासी दल जनहित याचिका के जरिये अदालत नहीं आ सकते। उन्होंने कहा कि आयोग पीठ को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।
पीठ ने कहा ‘मसला ईवीएम की विश्वसनीयता से संबंधित है। आप कह रहे हैं कि ईवीएम सही नहीं है। दोनों बात एक ही है। इस पर शर्मा ने कहा कि दूसरी पीठ के समक्ष जो मसला है वह भविष्य में होने वाले चुनाव को लेकर है। याचिकाकर्ताओं ने ईवीएम को वीवीपीएटी के साथ जोड़ने की बात कही है।
शर्मा ने कहा कि उनकी याचिका को उन याचिकाओं के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। हालांकि पीठ ने आयोग को दो हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए इस याचिका को दूसरी पीठ में लंबित याचिकाओं के साथ जोड़ दिया।