ईडी ने बताया कि याचिकाकर्ता के भाई की मृत्यु हो गई है और याचिकाकर्ता के पास क्रिप्टो वॉलेट का उपयोगकर्ता नाम और पासवर्ड है, जिसे जांच अधिकारी को बताया जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को क्रिप्टो करेंसी घोटाले के आरोपी को अपने बिटकॉइन वॉलेट के उपयोगकर्ता नाम और पासवर्ड का प्रवर्तन निदेशालय को खुलासा करने और उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच में सहयोग करने के लिए कहा। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने कहा कि बिटकॉइन की बहु-स्तरीय विपणन योजना चलाने के आरोपी अजय भारद्वाज के खुलासा करने पर अदालत द्वारा दी गई उसकी अंतरिम सुरक्षा जारी रहेगी। शीर्ष अदालत ने ईडी से मामले में अपडेट स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।
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पीठ ने अपने आदेश में कहा कि प्रतिवादियों द्वारा जमानत रद्द करने के लिए एक आवेदन दायर किया गया है। ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने स्थिति रिपोर्ट दाखिल की है। ईडी ने बताया कि याचिकाकर्ता के भाई की मृत्यु हो गई है और याचिकाकर्ता (भारद्वाज) के पास क्रिप्टो वॉलेट का उपयोगकर्ता नाम और पासवर्ड है, जिसे जांच अधिकारी को बताया जाना चाहिए। इसने भारद्वाज की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता पीसी सेन के इस निवेदन पर भी ध्यान दिया कि सभी रिकॉर्ड, ई-मेल और सबूत पुणे पुलिस के कब्जे में हैं और उन्होंने सभी जरूरी विवरणों का खुलासा किया है।
पीठ ने निर्देश दिया, जमानत रद्द करने की अर्जी पर याचिकाकर्ता दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करेगा। इस दौरान याचिकाकर्ता जांच में पूरा सहयोग करेगा। चूंकि याचिकाकर्ता के वरिष्ठ वकील का कहना है कि खुलासा वॉलेट के उपयोगकर्ता नाम और पासवर्ड का होना है, इसलिए याचिकाकर्ता के लिए पूर्ण खुलासे को सशर्त बनाने में कोई कठिनाई नहीं होगी, जिस पर अंतरिम संरक्षण जारी रहेगा। ईडी एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करेगा।