सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि जो लोग नोटबंदी से बंद हुए 500 और 1000 के पुराने नोट नहीं बदल पाए हैं, क्या उन्हें दोबारा मौका मिल सकता है। कोर्ट ने केंद्र से उन लोगों की मदद के लिए जवाब मांगा है, जो तय समय सीमा के भीतर पुराने नोट नहीं बदल पाए थे।
कोर्ट के सवाल के बाद केंद्र ने अदालत से 10 दिन का वक्त मांगा, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने दो हफ्ते का समय दिया है। इस मामले की अगली 18 जुलाई को होगी। और तभी यह तय हो सकेगा कि जिन लोगों के पास पुराने बंद हो चुके करेंसी नोट हैं उनका क्या किया जाएगा।
हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल वही बदले जाएंगे जिनके धारक यह साबित कर सकेंगे कि उनके पास रखी रकम पूरी तरह से वैध है। कोर्ट ने कहा कि जिन लोगों के पास वाजिब कारण है नोट बदलने का उन्हें परेशानियों का सामना करने का मतलब नहीं बनता। इसलिए उन्हें नोट बदलने का मौका दिया जाना चाहिए।
कोर्ट ने आरबीआई और केंद्र से कहा कि वे कोई रास्ता निकाले जिससे कि उन लोगों को ऐसे हालात न झेलने पड़े जो सही हैं। दरअसल, सुधा मिश्रा ने नोटबंदी को लेकर कोर्ट में याचिका डाली है। बता दें कि पीएम मोदी ने पिछले साल 8 नवंबर को नोटबंदी लागू की थी, जिसके बाद से ही बैंकों के बाहर नोट बदलने के लिए लंबी कतारे लगने लग गई थी।
Demonetisation case: Central govt told division bench of Supreme Court that it would file an affidavit in the case. Next hearing on July 18.
— ANI (@ANI_news) July 4, 2017