सुप्रीम कोर्ट ने एनआरसी मामले पर असम सरकार को निर्देश देते हुए कहा कि जिन विदेशी मूल के लोगों को विभिन्न डिटेंशन सेंटरों (हिरासत केंद्र) में भेजा गया है, उन्हें अपने परिजनों से वापस मिलने में समयसीमा दी जाए। साथ ही कोर्ट ने कहा कि इन लोगों को सेंटर में मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए।
इसके बाद कोर्ट ने असम की सरकार से कहा, 'आप (सरकार) लोगों को डिटेंशन सेंटर में रखकर यह तय नहीं कर सकते कि उनके साथ बाद में क्या होगा? आप उन लोगों को उनकी मर्जी के खिलाफ जाकर डिटेन कर रहे हैं, तो ऐसे में आपको उन्हें मूलभूत सुविधाएं प्रदान करनी ही चाहिए।'