सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से गोवा में खनन कंपनियों के लिए नीलामी की एक नई प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि खनन गतिविधियों को 16 मार्च तक के लिए ही अनुमति दी गयी है।
<blockquote class="twitter-tweet" data-lang="en"><p lang="en" dir="ltr">Supreme Court asked the Central government to start a fresh process of auction for mining companies in Goa.</p>— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/961111144218931201?ref_src=twsrc%5Etfw">February 7, 2018</a></blockquote>
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सुप्रीम कोर्ट ने मनोहर पर्रिकर की सरकार और खदान के मालिकों को झटका देते हुए राज्य में खदान कार्य पर रोक लगाने के लिए कहा है। कोर्ट ने राज्य की 88 माइनिंग लीज को रद्द कर दिया है।
जस्टिस मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय खंडपीठ के आदेश में कहा गया कि अब नये तरीके से खदानों का आवंटन किया जाएगा। जिसके लिए खदानों को पर्यावरण से जुड़ी मंजूरी लेनी होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने खदान आवंटन में कथित अनियमितताओं की एसआईटी जांच के भी आदेश दिये हैं। कोर्ट ने कहा कि खनन पट्टों का नवीनीकरण जल्दबाजी में किया गया फैसला प्रतीत होता है।