उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाना सही था या नहीं, इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने 24 अगस्त तक के लिए टाल दी है। गौरतलब है कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने के केंद्र सरकार के फैसले को नैनीताल हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया था। हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।
इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित कर विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया था। फ्लोर टेस्ट में सफल रहने के बाद हरीश रावत सरकार फिर से बहाल हो गई थी। 11 मई को शीर्ष अदालत ने यह साफ किया था कि रावत सरकार को पुन:स्थापित करने से ही मामला खत्म नहीं हो जाता।
पीठ ने कहा कि उत्तराखंड हाईकोर्ट द्वारा राष्ट्रपति शासन को निरस्त करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका अब भी जीवित है और इस कानून और संविधान के तहत इसका निपटारा किया जाएगा। पीठ ने यह भी कहा कि नौ बागी विधायकों की अयोग्यता के मसले पर भी परीक्षण होना बाकी है।