आरबीआई ने यस बैंक पुनर्गठन योजना, 2020 का एलान शुक्रवार को किया था। नए सिरे से गठित इस बैंक के लिए पूंजी 5 हजार करोड़ रखी गई है। मसौदे में कहा कि रणनीतिक निवेशक बैंक को यस बैंक में 49 फीसदी हिस्सेदारी लेनी होगी और निवेशक बैंक यस बैंक में अपनी हिस्सेदारी को पूंजी डालने के दिन से तीन साल तक 26 फीसदी से नीचे नहीं ला सकता है।
आरबीआई ने यस बैंक पर अंकुश लगाते हुए बैंक के जमाकर्ताओं के लिए 3 अप्रैल तक निकासी की सीमा 50,000 रुपये तय की है और बैंक के निदेशक मंडल को भी भंग कर दिया था। 2 रुपये प्रति शेयर के दाम से 24,000 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयर में भी बदलाव होगा। इसके बाद यह राशि 48 हजार करोड़ रुपये की होगी।
दिल्ली-एनसीआर, गाजियाबाद, अहमदाबाद में एटीएम में पैसे ही नहीं, लगी कतार
नोएडा-गाजियाबाद समेत दिल्ली, पुणे, मुंबई, अहमदाबाद और भुवनेश्वर में यस बैंक के ज्यादातर एटीएम या तो नकदी नहीं होने के चलते बंद नजर आ रहे हैं या फिर उनके बाहर लंबी कतारें नजर आ रही हैं। यस बैंक ग्राहकों के लिए निकासी की सीमा 50 हजार रुपये तय किए जाने के बाद एटीएम के बाहर लंबी कतार देखी जा रही है।
दिल्ली के एक ग्राहक ने कहा, मैं एक एटीएम से सिर्फ 4 हजार ही निकाल पाया। बाकी की रकम मुझे चेक से निकालनी पड़ी। संसद मार्ग स्थित एक डाकखाने पर लिखा था कि यस बैंक को कोई भी चेक आरबीआई के अगले आदेश तक नहीं भुनाया जा सकेगा।
वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने यस बैंक पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों का जवाब दिया है। उन्होंने कहा, राहुल गांधी को अपनी पार्टी के विकास की फिक्र करनी चाहिए। कांग्रेस का विकास दिनोंदिन पतन की ओर जा रहा है। देश की अर्थव्यवस्था मजबूत और सुरक्षित हाथों में है।
जब दुनिया की अर्थव्यवस्था में गिरावट आ रही है, ऐसे में हमने विकास की रफ्तार बनाए रखी है। दरअसल, राहुल ने एक दिन पहले ट्वीट कर कहा था कि नो यस बैंक। मोदी और उनके विचारों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया।
भाजपा सरकार के कुप्रबंधन के चलते यस बैंक संकट: कांग्रेस
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा, भाजपा सरकार के वित्तीय संस्थाओं के कुप्रबंधन के चलते यस बैंक संकट हुआ है। यस बैंक के लोन देने की होड़ बैंकिंग नहीं, बल्कि डकैती है। आरबीआई को इस मामले की जांच करनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करनी चाहिए।