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एसबीआई के ग्राहकों का डाटा लीक: बैंक ने बताया- खाते में जमा रकम सुरक्षित; क्या है पूरा मामला?

Fri, 23 Oct 2026 01:21 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, नई दिल्ली।

सार

एसबीआई ने हालिया साइबर घटना के बाद ग्राहकों को ईमेल और व्हाट्सएप के जरिये सूचना देने की बात कही है। बैंक ने भरोसा दिलाया है कि ग्राहकों के खातों में जमा रकम सुरक्षित है। हालांकि, घटना कैसे हुई और ग्राहकों का कौन-सा डाटा इससे जुड़ा था, इसकी जानकारी बैंक के इस संदेश में नहीं दी गई है। बैंक ने ग्राहकों से ओटीपी, पिन और पासवर्ड साझा नहीं करने और संदिग्ध कॉल, मैसेज व ईमेल से सावधान रहने को कहा है।
 
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एसबीआई का डाटा लीक - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने हाल में हुई एक साइबर घटना को लेकर ग्राहकों के लिए जानकारी साझा की है। बैंक के मुताबिक, इस घटना में कुछ ग्राहकों का डाटा शामिल होने की पहचान हुई है। ऐसे ग्राहकों को बैंक ने ईमेल और व्हाट्सऐप के जरिये अलग-अलग सूचना दी है। हालांकि, बैंक ने अपने संदेश में यह साफ किया है कि ग्राहकों के खातों में जमा रकम सुरक्षित है।
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क्या ग्राहकों के खाते से पैसे निकलने का खतरा है?
एसबीआई ने अपने बयान में कहा है कि ग्राहकों के खाते में जमा रकम और उनके पैसे बैंक के पास सुरक्षित हैं। हालांकि, बैंक के इस बयान से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि साइबर घटना में किसी तरह का नुकसान हुआ ही नहीं। बैंक ने डाटा से जुड़ी घटना की जानकारी दी है, लेकिन साझा किए गए संदेश में यह नहीं बताया है कि कितने ग्राहकों का डाटा प्रभावित हुआ, कौन-सी जानकारी सामने आई या साइबर घटना कैसे हुई।
 
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ग्राहकों को क्या सलाह?
बैंक ने ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल करते समय सावधान रहने की सलाह दी है। एसबीआई ने साफ कहा है कि अपना ओटीपी, एटीएम या बैंकिंग पिन और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। अगर किसी अनजान नंबर से संदिग्ध कॉल आए या कोई शक वाला मैसेज अथवा ईमेल मिले, तो सतर्क रहें। ऐसी जानकारी साझा करने से बचें, जिसका इस्तेमाल कोई आपके बैंक खाते तक पहुंचने के लिए कर सकता है।

आखिर क्या है पूरा मामला?
दरअसल, एसबीआई के ग्राहकों के डाटा से जुड़ा मामला 21 अक्तूबर को सामने आया, जब बैंक ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि डार्क वेब पर उपलब्ध करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड की शुरुआती जांच में 3,897 रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें ग्राहकों की निजी जानकारी शामिल थी। बैंक को 16 अक्तूबर को अपने थ्रेट इंटेलिजेंस सेवा प्रदाता, डिफेंस साइबर एजेंसी और भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल से डाटा उजागर होने की आशंका को लेकर अलर्ट मिले थे।

सामने आई जानकारी में ग्राहकों के नाम, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, ईमेल और घर के पते के साथ बैंक की ग्राहक पहचान संख्या तथा लोन से जुड़े रिकॉर्ड का विवरण भी शामिल था। हालांकि, बैंक ने कहा कि डाटा की प्रामाणिकता, उसके स्रोत और पूरे मामले की जांच जारी है। अब एसबीआई ने बताया है कि जिन ग्राहकों का डेटा इस घटना से जुड़ा पाया गया, उन्हें ईमेल और व्हाट्सएप के जरिये अलग-अलग सूचना दी गई है। 

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