गोवा के राज्यपाल का पदभार संभाल रहे सत्यपाल मलिक का कहना है कि जब मैं जम्मू-कश्मीर का राज्यपाल था तब मैंने 95 हजर में से 93 हजार शिकायतों का निपटारा किया। उन्होंने कहा कि उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती ने पाकिस्तान के दबाव में पंचायत चुनाव में हिस्सा लेने से मना कर दिया था।
पंचायत चुनाव को लेकर उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि हम जम्मू-कश्मीर में पंचायत चुनाव कराना चाहते हैं। मैं प्रोटोकॉल तोड़कर उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के आवास पर गया। उन्होंने पाकिस्तान के दबाव में इसमें हिस्सा लेने से मना कर दिया। आतंकियों ने भी धमकी दी थी लेकिन चुनाव सफलतापूर्वक कराए गए।'
उन्होंने कहा कि जब मैं जम्मू-कश्मीर का राज्यपाल था तब मैंने सभी के लिए राजभवन के दरवाजे खोल रखे थे। मेरे सभी सलाहकारों को हफ्ते में एक बार लोगों की शिकायतें सुनने का काम दिया गया था। मेरे कार्यलय में 95,000 शिकायतें आई थीं। गोवा आने से पहले 93,000 शिकायतों का मैंने निपटान कर दिया था। इससे लोग सहज महसूस करते थे और उनका गुस्सा कम हो गया था।
गोवा के भविष्य के पर्यटन को लेकर सत्यपाल मलिक ने कहा, 'गोवा कोरोना से मुक्त हो चुका है इसलिए घरेलू यात्री यहां आ सकते हैं। विदेशी पर्यटकों को लौटने में समय लगेगा लेकिन वे भी आएंगे। यह इस उद्योग के लिए दीर्घकालिक नुकसान नहीं है।'