सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढहने से सात लोगों की मौत के बाद MCD कमिश्नर संजीव खिरवार फिर चर्चा में हैं। हादसे के बाद उन्होंने अवैध निर्माण के खिलाफ MCD की कार्रवाई और 'जीरो टॉलरेंस' नीति की बात कही है, जबकि दिल्ली हाई कोर्ट ने संपत्ति मालिक के साथ-साथ MCD और अन्य अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। खिरवार इससे पहले 2022 के त्यागराज स्टेडियम डॉग-वॉक विवाद को लेकर सुर्खियों में आए थे।
सत्य निकेतन हादसे के बाद फिर सुर्खियों में खिरवार
MCD कमिश्नर संजीव खिरवार पर 2022 में अपने कुत्ते को टहलाने के लिए दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम को खाली करवाने का आरोप लगा था, अब सत्य निकेतन में इमारत गिरने से हुई मौतों के मामले में चर्चा में हैं।
हादसे पर MCD कमिश्नर ने क्या कहा?
MCD के मौजूदा कमिश्नर खिरवार ने इमारत गिरने की घटना पर बात की है। इस हादसे में सात लोगों की जान चली गई। घटना ने अवैध निर्माण, नियमों के पालन में लापरवाही और ऐसी आपदाओं को रोकने में नगर निकाय की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बारे में बात करते हुए खिरवार ने कहा,'दुर्भाग्य से, हमने सात लोगों को खो दिया है। हमें लगता है कि गिरी हुई इमारत के बगल वाली इमारत भी कमजोर हो गई है और रातभर उसे मजबूत करने का काम किया गया। हम अगले 1-2 दिनों में योजनाबद्ध तरीके से उसे गिराने की कार्रवाई करेंगे। इसके साथ ही MCD इलाके में अवैध निर्माण के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है।
तीन महीनों में 960 इमारतें गिराने का दावा
एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगस्त में हमने इसी इलाके में 3-4 इमारतों को गिराने का आदेश दिया था। नियमित रूप से अवैध निर्माण की पहचान की जाती है। पिछले तीन महीनों में 960 इमारतों को गिराया गया, 407 इमारतों को सील किया गया और 1500 इमारतों को सील करने तथा गिराने के लिए नोटिस जारी किए गए। अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करना एक नियमित प्रक्रिया है।
संजीव खिरवार कौन हैं?
गृह मंत्रालय ने इस साल जनवरी में संजीव खिरवार को म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ दिल्ली (MCD) का कमिश्नर नियुक्त किया था। वे 1994 बैच के अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश (AGMUT) कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं।
डॉग-वॉक विवाद के बाद हुआ था तबादला
मई 2022 में अपने कुत्ते को टहलाने की आदत को लेकर हुए विवाद के बाद खिरवार का दिल्ली से लद्दाख तबादला कर दिया गया था। लद्दाख तबादले से पहले वे दिल्ली के प्रधान सचिव (राजस्व) के पद पर तैनात थे। उन पर आरोप था कि अधिकारी ने त्यागराज स्टेडियम कॉम्प्लेक्स को खाली करवा दिया था और शाम को निर्धारित समय से पहले ही इसे सभी एथलीटों के लिए बंद करवा दिया था, ताकि 'वे अपने कुत्ते को टहला सकें'। केंद्र ने इस मामले में खिरवार की पत्नी रिंकू डुग्गा का भी तबादला कर दिया था। डुग्गा भी AGMUT कैडर की 1994 बैच की IAS अधिकारी हैं। उनका तबादला अरुणाचल प्रदेश कर दिया गया था।
जनवरी में संभाली MCD कमिश्नर की जिम्मेदारी
खिरवार ने इस साल जनवरी में 1992 बैच के IAS अधिकारी अश्वनी कुमार की जगह MCD कमिश्नर का पद संभाला था। अश्वनी कुमार का तबादला जम्मू-कश्मीर कर दिया गया था।
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दिल्ली सरकार में भी संभाल चुके हैं अहम जिम्मेदारियां
दिल्ली के प्रधान सचिव (राजस्व) के तौर पर तैनाती से पहले खिरवार दिल्ली सरकार में प्रधान सचिव (पर्यावरण एवं वन) के पद पर भी काम कर चुके हैं।
तीन दशक से अधिक लंबे अपने करियर में खिरवार ने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। इनमें अक्टूबर 2009 से अगस्त 2014 तक तत्कालीन केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रियों के निजी सचिव के तौर पर उनकी तैनाती भी शामिल है।