महाराष्ट्र के बीड में सरपंच हत्या मामले को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष में तनातनी जारी है। विपक्ष इस मामले में राकांपा नेता धनंजय मुंडे को कैबिनेट से हटाने की मांग कर रहा है। धनंजय मुंडे महाराष्ट्र के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री हैं। इस बीच भाजपा विधायक सुरेश धास ने शुक्रवार कहा कि राकांपा नेता धनंजय मुंडे को इस मामले में आरोपपत्र दाखिल होने तक बिना मंत्री के रूप में राज्य मंत्रिमंडल में बने रहना चाहिए। दरअसल, सरपंच हत्या और जबरन वसूली के मामले में गिरफ्तार वाल्मिक कराड को धनंजय मुंडे का करीबी बताया जा रहा है। बता दें कि हत्या के 22 दिन बाद जबरन वसूली के केस में कराड ने राज्य अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के समक्ष खुद को सरेंडर कर दिया था।
राकांपा नेता धनंजय मुंडे ने गुरुवार को आश्वासन दिया कि इस मामले में एक मंत्री के तौर पर उनकी तरफ से कोई दबाव नहीं डाला जाएगा। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भाजपा विधायक सुरेश धास ने हत्या और जबरन वसूली मामलों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) में कुछ सदस्यों को शामिल करने पर सवाल उठाया।
भाजपा नेता ने कहा, "एक सदस्य है, जिसे आरोपी वाल्मिक कराड ने गढ़चिरोली से स्थानांतरित किया था। कुछ लोगों का कराड के साथ संबंध हैं। मुझे वरिष्ठ अधिकारियों से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन जूनियर कर्मचारियों से मुझे दिक्कत है। मैंने मुख्यमंत्री को इसकी जानकारी दे दी है। वे इसकी समीक्षा करेंगे।"
विपक्ष द्वारा इस मामले में धनंजय मुंडे की संलिप्तता के बारे में पूछे जाने पर धास ने कहा, "मैं आज यह नहीं कहूंगा कि उनका किसी भी मामले से कोई संबंध है, लेकिन जब तक आरोप पत्र दायर नहीं हो जाता, तब तक उन्हें (धनंजय मुंडे) को बने रहना चाहिए।" उन्होंने बताया कि वह पुलिस से लिखित में पूछेंगे कि क्या बीड में अधिकारी और कर्मी रोस्टर के मुताबिक हैं या नहीं।
पिछले महीने हुई थी सरपंच की हत्या
बता दें कि पिछले महीने नौ दिसंबर को बीड जिले की केज तहसील के मसजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी गई। इस मामले की जांच के लिए महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को एसआईटी का गठन किया। राज्य गृह विभाग द्वारा जारी एक आदेश में बताया गया कि एसआईटी का नेतृत्व सीआईडी के उप महानिरीक्षक बसवराज तेली करेंगे।