कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने शनिवार को दावा किया कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की तरफ से उनके के खिलाफ 'पाकिस्तान कनेक्शन' के आरोपों के समर्थन में कोई सबूत पेश करने में असमर्थता उनकी कमजोरी है। पड़ोसी देश की अपनी कथित यात्राओं पर कोई स्पष्टीकरण जारी करने से बचते हुए, गौरव गोगोई ने कहा कि लोगों को धैर्य रखना चाहिए क्योंकि मुक्केबाजी मैच के अंत में नॉकआउट पंच मारा जाता है।
'सीएम हैं, आईटी सेल के ट्रोल नहीं'
अपने लोकसभा क्षेत्र जोरहाट के अंतर्गत मजुली में गौरव गोगोई ने कहा, 'जब भाजपा की आईटी सेल मुझ पर झूठे आरोप लगाती है, तो कोई हैरानी नहीं होती। लेकिन जब एक राज्य का मुख्यमंत्री कुछ कहता है, तो हम उम्मीद करते हैं कि वह अपने आरोपों को साबित भी करेगा। मुख्यमंत्री और ट्रोल में कुछ तो फर्क होना चाहिए।'
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क्या है पूरा मामला?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और भाजपा लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि कांग्रेस सांसद गोगोई और उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से संबंध हैं। सरमा ने यहां तक कहा था कि गोगोई आईएसआई के बुलावे पर पाकिस्तान गए थे, वहां ट्रेनिंग ली थी और वहां की सरकार से मिलकर काम किया था। गौरव गोगोई ने इन आरोपों को 'बेबुनियाद, बेतुका और बकवास' करार दिया है। उन्होंने कहा कि उनका पाकिस्तान दौरा भारत सरकार की जानकारी में था और इसमें कुछ भी गुप्त नहीं था। गोगोई ने कहा, 'पहले दिन से ही हम सबूत मांग रहे हैं। लेकिन मुख्यमंत्री की तरफ से कोई प्रमाण नहीं आया है। यही उनकी कमजोरी है। अगर सबूत नहीं दिए गए, तो जनता का विश्वास भी उन पर से उठ जाएगा।'
'क्या हम फिल्म देख रहे हैं?'
जब मुख्यमंत्री हिमंत सरमा के इस बयान पर गौरव गोगोई से सवाल किया गया कि 'सारे सबूत 10 सितंबर तक जनता के सामने रखे जाएंगे', तो कांग्रेस सांसद ने तंज करते हुए कहा, 'क्या हम कोई फिल्म देख रहे हैं, जिसमें रिलीज डेट पहले से तय होती है? यह 'सिंघम 1' या 'सिंघम 2' नहीं है।' गौरव गोगोई ने यह भी कहा कि कांग्रेस मुख्यमंत्री सरमा की बातों को ज्यादा महत्व नहीं देती। उन्होंने कहा, 'हम उनके शब्दों को महत्व नहीं देते, हम जनता की बातों को महत्व देते हैं।'
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पंचायत चुनाव में धमकी का आरोप
कांग्रेस नेता ने हाल में हुए पंचायत चुनावों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'भाजपा और उसके सहयोगियों ने लोगों को धमकी दी कि अगर उन्होंने भाजपा को वोट नहीं दिया, तो उन्हें सरकारी योजनाओं से वंचित कर दिया जाएगा।' उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन चुनाव परिणामों से संतुष्ट नहीं है और पार्टी अब से ही जमीनी स्तर पर अपने कार्यकर्ताओं से मिल रही है ताकि अगली बार रणनीति और मजबूत बनाई जा सके।