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SAREX-2022: डीजी पठानिया बोले, प्रमुख समुद्री एजेंसी के रूप में उभरा है इंडियन कोस्ट गार्ड

Sat, 27 Aug 2022 10:54 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

डीजी वीएस पठानिया ने कहा, इंडियन कोस्ट गार्ड एक प्रमुख समुद्री एजेंसी के रूप में उभरा है जो समुद्री क्षेत्र में एक स्थिर और प्रभावी निर्माण की दिशा में निरंतर प्रयासों को संचालित करता है।
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Sarex 2022 का उद्घाटन - फोटो : @proshillong
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विस्तार
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इंडियन कोस्ट गार्ड की ओर से शनिवार को तमिलनाडु के चेन्नई में 10वें राष्ट्रीय समुद्री खोज और बचाव अभ्यास 'SAREX-2022' का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर डीजी वीएस पठानिया व रक्षा सचिव डॉ. अजय कुमार मौजूद रहे। 

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीजी वीएस पठानिया ने कहा, इंडियन कोस्ट गार्ड एक प्रमुख समुद्री एजेंसी के रूप में उभरा है जो समुद्री क्षेत्र में एक स्थिर और प्रभावी निर्माण की दिशा में निरंतर प्रयासों को संचालित करता है। उन्होंने कहा, वर्षों से समुद्री व्यापार में  भारत की वृद्धि समुद्री क्षेत्र में हमारे समग्र योगदान का एक संकेत है। उन्होंने कहा, शिपिंग उद्योग यहां एक छोटी भूमिका निभाता है।

पठानिया ने कहा,  भारत में मछली पकड़ने का सबसे बड़ा बेड़ा है जिसमें करीब 10 लाख मछुआरे आजीविका के लिए समुद्र में जाते हैं।महासागरों का संकट, जिसमें बार-बार आने वाले चक्रवात शामिल हैं जो हमेशा उनके जीवन और आजीविका के लिए एक खतरा पैदा करते हैं। उन्होंने कहा, एक व्यापक और प्रभावी समुद्री खोज विकसित करना समय की मांग है। 
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इस मौके पर रक्षा सचिव डॉ. अजय कुमार ने कहा, आईसीजी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ उच्च स्तर के समन्वय के साथ सभी कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा कर रहा है। समुद्री खोज और बचाव के साथ आईसीजी ने अपने मुख्य चार्टर के रूप में अब तक समुद्र में फंसे 11,000 से अधिक लोगों की जान बचाई है।

उन्होंने कहा, राष्ट्रीय समुद्री खोज और बचाव बोर्ड के संचालन में आईसीजी की भूमिका ने अधिक प्रभावी समुद्री-एसएआर प्रतिक्रिया तंत्र के विकास को सक्षम किया है। भारत के पास 5000 वर्षों की एक समृद्ध समुद्री विरासत है और भू-रणनीति में एक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। दुनिया के 40% कंटेनर और टैंकर भारतीय तट के करीब आते हैं। पिछले कुछ वर्षों में, आईसीजी ने एक प्रीमियम एसएआर एजेंसी के रूप में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

भारतीय तटरक्षक बल 100 प्रतिशत स्वदेशी
इस दौरान डीजी वीएस पठानिया ने कहा कि भारतीय तटरक्षक बल 100 प्रतिशत स्वदेशी है। क्योंकि इसमें शामिल सभी जहाज और विमान भारतीय यार्ड में ही बने हैं। उन्होंने कहा कि आईसीजी सभी जहाजों और विमानों के रूप में 100 प्रतिशत स्वदेशी है। चाहे फिक्स्ड विंग या रोटरी या छोटे जहाज, बल में शामिल सब कुछ भारतीय है। ये विमान भारतीय यार्ड में ही बनाए गए है। उन्होंने कहा कि सरकार के समर्थन से हम आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि SAREX कोविड महामारी के बाद हो रहा है। कोरोना महामारी के दिन बेहद कठिन थे, लेकिन भारतीय तट रक्षक ने कभी भी अपने पहरे को कम नहीं होने दिया।

भारतीय तटरक्षक बल की मौजूदगी सुनिश्चित करती है कि श्रीलंका से कोई आमद न हो
भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक वीरेंद्र सिंह पठानिया ने शनिवार को कहा कि भारतीय तटरक्षक बल की उपस्थिति सुनिश्चित करती है कि वहां आर्थिक संकट के बीच श्रीलंका से कोई यहां ना आए। उन्होंने कहा कि अगर श्रीलंकाई मछुआरों को उथले पानी के चैनलों में पकड़ा जाता है तो हम मानवीय सहायता प्रदान करते हुए उन्हें उनके देश को फिर सौंप देते हैं। उन्होंने 32 बांग्लादेशी मछुआरों को बचाने में भारतीय तटरक्षक बल के प्रयास की भी सराहना की। 

भारतीय नौसेना का जहाज सुमेधा पहुंचा मलेशिया 
भारतीय नौसेना की लंबी दूरी की परिचालन तैनाती के तहत दक्षिण पूर्व एशिया में तैनात आईएनएस सुमेधा ने 27 अगस्त 2022 को पोर्ट क्लैंग मलेशिया का दौरा किया। जहाज ऑस्ट्रेलिया के पर्थ से वापस आते समय पोर्ट क्लैंग मलेशिया पहुंचा था। सुमेधा ने आस्ट्रेलिया के पर्थ में आजादी का अमृत महोत्सव समारोह में भाग लिया था।

भारतीय नौसेना के जहाज सुमेधा की पोर्ट क्लैंग की यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना, और भारतीय नौसेना और रॉयल मलेशियाई नौसेना (आरएमएन) के बीच समुद्री सहयोग और अंतःक्रियाशीलता को बढ़ाना है।
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