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सर्बानंद सोनोवाल ने कहा- मोदी की नीतियों की वजह से विकास में पूर्वोत्तर सबसे ऊपर

Tue, 23 Apr 2019 11:07 AM IST
गौरव द्विवेदी विनोद अग्निहोत्री, गुवाहाटी
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सर्बानन्द सोणोवाल
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राज्य में तीन चरणों में हुए लोकसभा चुनावों में धुआंधार प्रचार करने के बाद असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल को पूरा भरोसा है कि न सिर्फ असम में बल्कि पूरे पूर्वोत्तर में भाजपा इस बार 2014 से भी ज्यादा सीटें जीतेगी। सोनोवाल को यह भरोसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूर्वोत्तर नीति की वजह से है जिसने असम समेत सभी पूर्वोत्तर राज्यों को भारत के आर्थिक और बुनियादी सुविधाओं के विकास मानचित्र में सबसे ऊपर ला दिया है। सोनोवाल का दावा है कि पूर्वोत्तर में मोदी लहर चल रही है। चुनाव प्रचार के बीच गुवाहाटी में सर्बानंद सोनोवाल ने अमर उजाला के लिए विनोद अग्निहोत्री की बातचीत की।

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लोकसभा चुनावों में असम में भाजपा कितनी सीटें जीतेगी ।
असम में कुल 14 सीटें हैं और हमारी कोशिश है कि भाजपा और उसके सहयोगी दल सभी सीटें जीतें। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह जी ने सभी सीटें जीतने का लक्ष्य हमें दिया है, और मुझे पूरा भरोसा है कि हम इसे पूरा करेंगे। सिर्फ असम ही नहीं पूरे पूर्वोत्तर से भाजपा पिछली बार से ज्यादा सफलता हासिल करेगी। कुल 25 में से कम से कम 21 सीटें तो भाजपा और उसके सहयोगी दल जरूरी जीतेंगे।

क्या मोदी सरकार और राज्यों की भाजपा सरकारों के खिलाफ सत्ता विरोधी रूझान यानी एंटी इन्कंबेसी का भी खतरा नहीं है।
एंटी इन्कंबंसी नहीं प्रो इन्कंबेसी है। पिछले पांच साल में पूर्वोत्तर में मोदी जी ने जितना विकास किया है, उससे लोगों में एक नई उम्मीद जगी है। कांग्रेस शासन में पूर्वोत्तर एक उपेक्षित क्षेत्र था। यहां विकास के काम हमेशा लटके रहते थे। मोदी सरकार ने न सिर्फ पुराने और वर्षों से लटके पड़े विकास कार्यों को पूरा किया बल्कि कई नई परियोजनाएं भी शुरु की हैं, जिनसे पूर्वोत्तर की तस्वीर बदल जाएगी। यह क्षेत्र आर्थिक विकास और ढांचागत बुनियादी सुविधाओं सड़क, पुल, अस्पताल, शिक्षा संस्थानों, हवाई अड्डों, रेलवे और पर्यटन आदि के क्षेत्र में देश के अग्रणी इलाकों में हो जाएगा। इसलिए पूर्वोत्तर की जनता भाजपा और नरेंद्र मोदी जी को एक बार फिर मौका देना चाहती है, जिससे असम समेत उत्तर पूर्व के सभी राज्य उस मुकाम तक पहुंच सकें जिसका सपना खुद मोदी जी ने देखा है।
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आपकी सरकार बने दो साल 11 महीने हो गए हैं, क्या फर्क आया है।
सबसे बड़ा परिवर्तन जो लोग महसूस करते हैं वह है सुशासन और भ्रष्टाचार मुक्त सरकार। करीब तीन साल होने वाले हैं, लेकिन सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार की एक भी शिकायत नहीं है। कांग्रेस सरकार के समय असम राज्य सेवा आयोग (एपीएससी) में जबर्दस्त घोटाला था। बिना रिश्वत दिए किसी को छोटी से छोटी नौकरी भी नहीं मिलती थी। गरीब आदमी के लिए सरकारी नौकरी एक सपना भर था। दूरदराज इलाकों और गरीब तबके के युवाओं में निराशा और हताशा थी। मेरिट के कोई मायने नहीं थे। सिर्फ पैसा ही सबकुछ था। सरकार बदलते ही सबसे पहले हमने एपीएससी के भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ जांच करवाई, उन्हें जेल भेजा और पैसा देकर नौकरी पाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की। पूरे प्रदेश में संदेश दिया कि अब योग्यता से सरकारी नौकरी मिलेगी। पिछले दो साल ग्यारह महीनों में पूरे पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियों में नियुक्तियां हो रही हैं। गरीबों और दूरदराज क्षेत्र के युवा अब अपनी योग्यता के हिसाब से सरकारी नौकरी पा रहे हैं। दीमाहासी जैसे पहाड़ी और पिछड़े इलाके के करीब 23 बच्चे सरकारी नौकरी में चुने गए,यह मेरे लिए बेहद संतोष की बात है। चुनाव के दौरान मोदी जी ने राज्य के लोगों से भ्रष्टाचार मुक्त सरकार का वादा किया था, जिसे हमने पूरा किया है।

लेकिन भाजपा ने गोगोई सरकार के जिस मंत्री पर सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, वह हेमंत विश्वसर्मा तो अब आपकी सरकार में मंत्री हैं।
मैने एपीएससी के भ्रष्टाचार का जिक्र किया। जहां तक किसी व्यक्ति विशेष पर आरोपों की बात है तो उन्होंने उन आरोपों को अदालत में चुनौती दे रखी है।

कहा जाता है कि मुख्यमंत्री तो आप हैं लेकिन सरकार हेमंत विश्वशर्मा ही चलाते हैं।
मेरी सरकार में सब अपनी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।यह टीम मोदी की टीम असम है जिसमें सब मिलकर काम कर रहे हैं और मोदी जी के सबका साथ सबका विकास के नारे को अमल में लाने के लिए जुटे हुए हैं।

कहा जा रहा है कि एनआरसी और सिटीजन्स बिल को लेकर नाराजगी से भाजपा को चुनाव में नुकसान उठाना पड़ सकता है।
यह धारणा गलत है। एनआरसी पर काम हो रहा है। जो कुछ कमिया रह गईं थी, उन्हें दुरुस्त किया जा रहा है। असम में 31 जुलाई 2019 तक एनआरसी का काम पूरा हो जाएगा। किसी को भी चिंतित नहीं होना चाहिए। सरकार एक भी भारतीय नागरिक को उसके नागरिकता के अधिकार से वंचित नहीं होने देगी। एनआरसी में कोई भी धार्मिक या जातीय भेदभाव नहीं होगा। हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई कोई भी हो सबको एनआरसी में जगह मिलेगी।सिटीजंस बिल को लेकर जो गलतफहमी थी वो दूर हो गई है। पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि सबसे विचार विमर्श करके सहमति बनाकर इस पर आगे बढ़ेंगे। अब कहीं कोई नाराजगी नहीं है। जो सहयोगी नाराज थे, वह भी वापस आ गए हैं।

घुसपैठियों की समस्या का स्थाई समाधान क्या है।
घुसपैठियों के खिलाफ मोदी सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। जबकि कांग्रेस सरकार ने लगातार घुसपैठियों को बढ़ावा दिया। भारत बांग्लादेश सीमा विवाद जो वर्षों से लटका हुआ था, उसे हल किया गया है। इस्राइली तकनीक से भारत बांग्लादेश की पूरी सीमा को सील किया जाएगा ताकि घुसपैठियों पर पूरी नजर रखी जा सके।

भाजपा सोनोवाल के काम पर जीतेगी या मोदी के नाम पर।
असम में जो भी काम हुआ है और हो रहा है सबके पीछे मोदी जी की प्रेरणा और आशीर्वाद है। हमारी सरकार बनने से पहले जब केंद्र में मोदी सरकार आई तभी से असम के विकास का काम तेज हो गया था। फिर विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत से डबल इंजन की सरकार हो गई और विकास कार्य तेज हो गए।जो काम कांग्रेस 55 सालों में नहीं कर पाई थी, वो पिछले पांच साल में हो गए। ब्रह्मपुत्र के उत्तर और दक्षिण किनारों के बीच कोई संपर्क नहीं था, लेकिन वर्षों से लटके पड़े पुल के निर्माण से वह पूरा हो गया। गैस परियोजना के लिए दस हजार करोड़ रुपए केंद्र ने दिए। यह परियोजना असम समझौते के समय से लंबित थी। मोदी जी ने इसे पूरा किया। बराक नदी पर पुल, बराक घाटी में मिनी सचिवालय का निर्माण, बराक नदी की गाद निकालकर बंगाल की खाड़ी होते हुए बांग्लादेश तक जल मार्ग, बराक और ब्रह्मपुत्र नदियों के किनारों पर 680 किलोमीटर तक ब्रह्मपुत्र के आदि से धुर्वी तक नमामि बराक और नमामि ब्रह्मपुत्र उत्सव के आयोजन से इन नदियों की विरासत को संरक्षित करने जैसे अनेक कामों से असम का पूरा चेहरा देश के सामने उभर कर आया है। प्रति वर्ष कामाख्या में अंबूबसी मेले के आयोजन में तीस लाख से ज्यादा लोगों के शामिल होना भी रिकार्ड है।

असम के आर्थिक विकास का आपका क्या एजेंडा है।
हम असम को सिर्फ पूर्वोत्तर का ही नहीं बल्कि दक्षिण पूर्वी एशिया का व्यापारिक और वाणिज्यिक केंद्र बनाना चाहते हैं।यह विजन भी मोदी जी का ही है। उनके सहयोग से पहली बार गुवाहाटी में निवेश सम्मेलन (इन्वेस्टर समिट) का आयोजन किया गया, जिसमें 22 देशों के मंत्री और दूसरे प्रतिनिधि शामिल हुए। उद्योग जगत के अनेक लोग आए। 79 हजार करोड़ रू के 240 से ज्यादा सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए और 2018 में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में करीब 50 हजार करोड़ रुपए का निवेश हो भी गया है।असम आंदोलन के बाद असम में रिफाइनरी लगाई गई, जिसकी उत्पादन क्षमता तीन मिलियन टन वार्षिक थी, जिसे बढ़ाकर नौ मिलियन टन करने के लिए मोदी जी ने 23 हजार करोड़ रुपए दिए।गैस आधारित परियोजना के लिए गैस आपूर्ति के लिए बरौनी से धूलियागंज तक गैस पाइप लाइन के लिए 5500 करोड़ रुपए केंद्र ने दिए।

भारत सरकार की एक्ट ईस्ट नीति में असम की क्या भूमिका होगी।
बहुत अहम भूमिका होगी। गुवाहाटी को हम दक्षिण एशिया के व्यापार और वाणिज्य का केंद्र बनाने जा रहे हैं। यहां भूटान और बांग्लादेश के काउंसलेट बन गए हैं। हम चाहते हैं कि सभी पूर्वी एशियाई देशों के काउंसलेट यहां बनें। हम उनके लिए जगह भी देंगे। यहां व्यापार और शिक्षा का हब बनेगा। गुवाहाटी में 65 मंजिला एक ट्विन ट्रेड टावर बनाया जाएगा। साथ ही गुवाहाटी को देश की खेल राजधानी भी हम बनाएंगे। फीफा खेलों और मुक्केबाजी की अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगितायें यहां आयोजित की जाएंगी। मुख्यमंत्री समग्र ग्रामोन्यन योजना के अंतर्गत 500 गावों में खेल के मैदान और पंचायत स्तर पर क्रीडा केंद्र बनाए जा रहे हैं। चाय बागानों में फुटबाल प्रतियोगितओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

आपने विधानसभा चुनावों में जितना प्रचार नहीं किया था, उससे कहीं ज्यादा चुनाव प्रचार लोकसभा चुनावों में कर रहे हैं। यहां तक कि असम के बाहर मेघालय और अरुणाचल में भी आप प्रचार के लिए गए। क्या सर्बानंद सोनोवाल के रूप में भाजपा को पूर्वोत्तर में एक नया नेता मिल गया है।
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मैं व्यक्तिगत रूप से कुछ नहीं हूं। जो भी हूं भाजपा का एक कार्यकर्ता और मोदी जी के आशीर्वाद से अपना काम कर रहा हूं। उन्होंने असम और पूर्वोत्तर को जो सम्मान और प्यार दिया है, उससे पूरे पूर्वोत्तर में एक लहर है। वह 27 बार पूर्वोत्तर के राज्यों में आए।अरुणाचल जैसे सीमावर्ती राज्य में जहां गांवों में कोई संपर्क मार्ग तक नहीं थे, उन्हें सड़कों से जोड़ा गया। हवाई अड्डों के लिए 3500 करोड़ रुपए दिए गए। यहां की संस्कृति और पहचान को उन्होने जो सम्मान दिया,उसका सबसे बड़ा उदाहरण असमिया गमछा,जो हमारे स्वाभिमान का प्रतीक है, हमारी महिलाओं की भावना और सामाजिक सांस्कृतिक मूल्यों की पहचान है, उसे मोदी जी ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर सम्मान दिया। असम के सपूत भूपेन हजारिका को भारत रत्न देकर असम के लोगों का मन जीत लिया। मोदी जी के मन में पूर्वोत्तर के लिए जो भावना और सम्मान है मैने उसे लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की है।

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