कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार ने सारदा चिट फंड घोटाले के संबंध में पूछताछ के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा तलब किए जाने के बावजूद सोमवार को सीबीआई अधिकारियों के साथ होने वाली एक बैठक में नहीं पहुंचे। एजेंसी के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
हालांकि, कुमार ने सीबीआई को चिट्ठी भेजकर मामले के संबंध में अधिकारियों के सामने पेश होने के लिए कुछ और समय मांगा।
सीआईडी के एक अधिकारी साल्ट लेक में सीबीआई कार्यालय पहुंचे और यह चिट्ठी पेश की। जिसमें कुमार ने कहा कि वह तीन दिन की छुट्टी पर हैं और इसलिए समन पर नहीं पहुंच सकते हैं।
सीबीआई के सूत्रों ने कहा कि सीबीआई के अधिकारी बारासात अदालत में मौजूद थे ताकि एजेंसी को पूछताछ से रोकने के लिए कुमार को कोई कानूनी कदम उठाने से रोका जा सके।
सीबीआई की एक टीम रविवार को कुमार के आवास पर सारदा घोटाले की जांच के सिलसिले में उनसे मिलने पहुंची थी। उनसे मुलाकात नहीं होने के कारण आईपीएस अधिकारी को एजेंसी के साल्ट लेक कार्यालय में सोमवार को तलब किया गया था।
आदर्श आचर संहिता खत्म होने के बाद रविवार रात को पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा कुमार को सीआईडी के अतिरिक्त महानिदेशक के रूप में बहाल कर दिया गया है।
शनिवार को सीबीआई ने कुमार को देश छोड़ने से रोकने के लिए लुकआउट नोटिस भी जारी किया था।
एजेंसी सारदा चिट फंड घोटाले के संबंध में कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहती है क्योंकि वह इस मामले की जांच करने के लिए पुलिस की विशेष जांच टीम की कमान संभाल रहे थे।
सीबीआई ने कहा है कि सारदा समूह की कंपनियों द्वारा पोंजी स्कीम घोटाला 2,500 करोड़ रुपये से अधिक का था, जिसने लाखों ग्राहकों को धोखा दिया था।