इसी बैठक में सरकार से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का अधिकार राम जन्मभूमि न्यास को देने की मांग की गई। प्रस्ताव में कहा गया कि मंदिर बनाने का जनादेश न्यास को है। न्यास को ही 1989 में शिलान्यास के समय देश के पौने तीन लाख गांवों से 6.60 करोड़ लोगों ने रामशिला का पूजन कर सवा-सवा रुपये के हिसाब से 8.25 करोड़ रुपये दिये थे।
इसी रकम से बीते तीन दशक से शिलाओं को तराशने का काम हो रहा है। कारसेवक पुरम से रामसेवक पुरम तक विस्तृत कार्यशाला न्यास के ही पास है।
अयोध्या को छोड़ कर दूसरे पूजा स्थलों की यथास्थिति बनाए रखने संबंधी कानून में संशोधन संभव है। जनता के दबाव में ऐसा करना ही होगा। हमारी लड़ाई महज अयोध्या तक खत्म होने वाली नहीं है। मथुरा और काशी पर अपना संपूर्ण अधिकार हासिल करने के लिए संत समिति सभी संभव विकल्प आजमाएगी। समिति के गठन का मूल उद्येश्य ही अयोध्या के साथ साथ मथुरा और काशी की मुक्ति है।
- स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती, महामंत्री, अखिल भारतीय संत समिति