शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने रविवार को पार्टी नेता आदित्य ठाकरे के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि आने वाले राज्यसभा चुनाव में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) की तरफ से जीतने वाली सीट पर उनकी पार्टी का 'पहला हक' है। इसका कारण यह है कि विपक्षी गठबंधन में उनके पास सबसे ज्यादा विधायक हैं।
कई नेताओं का खत्म हो रहा कार्यकाल
अप्रैल महीने में कई नेताओं का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो रहा है। इनमें एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार, शिवसेना (यूबीटी) की प्रियंका चतुर्वेदी, एनसीपी (एसपी) की फौजिया खान, आरपीआई (अठावले) के रामदास अठावले, बीजेपी के भागवत कराड, कांग्रेस की रजनी पाटिल और एनसीपी के धैर्यशील पाटिल शामिल हैं। विपक्ष के गठबंधन महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के पास विधायकों की संख्या कम है। इस वजह से वे संसद के ऊपरी सदन यानी राज्यसभा में अपना केवल एक ही उम्मीदवार भेज सकते हैं।
इस हफ्ते की शुरुआत में आदित्य ठाकरे ने कहा था कि विधानसभा में उनकी पार्टी की संख्या को देखते हुए राज्यसभा सीट पर उनका हक बनता है। पत्रकारों से बात करते हुए संजय राउत ने कहा कि पार्टी के रुख में कोई बदलाव नहीं है। उन्होंने बताया कि शिवसेना (यूबीटी) के पास 20 विधायक हैं, जो विपक्ष में सबसे ज्यादा हैं। कांग्रेस के पास 16 और एनसीपी (एसपी) के पास 10 विधायक हैं। इसलिए सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते पहला हक उनका है।
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शरद पवार पर क्या बोले राउत?
शरद पवार को लेकर अपनी पिछली बातों पर सफाई देते हुए राउत ने कहा कि पवार एमवीए के बड़े नेता हैं और उन्होंने अपनी इच्छा जताई थी। हम सब मिलकर फैसला करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि शरद पवार ने अभी तक आधिकारिक तौर पर अपनी उम्मीदवारी की घोषणा नहीं की है। राउत ने कहा कि एमवीए का नेतृत्व सही फैसला लेने में सक्षम है और लोगों को बेवजह तनाव नहीं लेना चाहिए।
आदित्य ठाकरे दावे पर क्या बोले राउत?
आदित्य ठाकरे के इस दावे का जिक्र करते हुए कि शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (एसपी) से एक-एक उम्मीदवार चुना जा सकता है। राउत ने कहा, आदित्य राजनीति और विधायी कामकाज को अच्छे से समझते हैं। उन्होंने कहा कि एक सांसद का चुना जाना तय है। इसके लिए 37 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है। अभी उनके पास 10 से 12 वोट ज्यादा हैं। दूसरा उम्मीदवार जिताने के लिए उन्हें 20-21 और वोटों की जरूरत होगी। अगर ऐसा होता है तो दो लोग चुने जा सकते हैं, लेकिन अभी एक सीट पक्की है और उस पर शिवसेना (यूबीटी) का दावा है।
चुनाव आयोग 16 मार्च को होने वाले सात राज्यसभा सीटों के लिए 26 फरवरी को अधिसूचना जारी करेगा। वहीं, सत्ताधारी महायुति गठबंधन (बीजेपी, शिंदे की शिवसेना और एनसीपी) के पास 232 विधायक हैं। वे आसानी से छह सीटें जीत सकते हैं।
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