संजय राउत, शिवसेना यूबीटी सांसद
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शुभेंदु अधिकारी के पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने भाजपा पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। राउत ने कहा कि भाजपा ने भ्रष्ट लोगों को सत्ता देने की अपनी परंपरा जारी रखी है। हालांकि, भाजपा ने राउत के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि अधिकारी के खिलाफ आरोप साबित नहीं हुए हैं, जबकि राउत खुद एक मामले में जेल जा चुके हैं। यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल में भाजपा की पहली सरकार बनने के बाद सामने आया है।
2020 में अधिकारी पर लगे थे भ्रष्टाचार के आरोप
राउत ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि 2020 के एक स्टिंग ऑपरेशन में अधिकारी सहित पांच तृणमूल कांग्रेस सांसदों को पैसे लेते हुए देखा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने अधिकारी (जो तब तृणमूल कांग्रेस में थे) पर छापा मारा, जिसके बाद वह भाजपा में शामिल हो गए और अब मुख्यमंत्री बन गए हैं।
राउत ने कहा कि अधिकारी पर लगा दाग अभी तक धुला नहीं है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह भ्रष्ट लोगों को सत्ता देती है। राउत ने कहा, ‘भाजपा ने भ्रष्ट लोगों को सत्ता देने की अपनी परंपरा जारी रखी है। इस निरंतरता के लिए उसकी सराहना की जानी चाहिए।’
भाजपा का पलटवार राउत की जेल याद दिलाई
शिवसेना (यूबीटी) नेता के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए, भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बान ने कहा कि अधिकारी के खिलाफ आरोप साबित नहीं हुए हैं। बान ने जोर देकर कहा कि संजय राउत खुद जेल में समय बिता चुके हैं। उन्होंने कहा, शुभेंदु अधिकारी दोषी नहीं पाए गए हैं, लेकिन संजय राउत जेल जा चुके हैं। राउत को अगस्त 2022 में मुंबई पात्रा चॉल पुनर्विकास परियोजना से जुड़े धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था। उन्हें एक विशेष अदालत द्वारा जमानत दिए जाने से पहले तीन महीने से अधिक समय जेल में बिताना पड़ा था। भाजपा ने राउत के आरोपों को निराधार बताया।
इंडिया गठबंधन पर भाजपा के आरोप
बान ने तत्कालीन महा विकास अघाड़ी सरकार पर कोविड-19 महामारी के दौरान भ्रष्टाचार में लिप्त होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में द्रमुक और कांग्रेस से जुड़े घटनाक्रमों से इंडिया गठबंधन में दरारें साफ दिख रही हैं। भाजपा नेता ने उद्धव ठाकरे को भी सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस उन्हें भी पीठ में छुरा घोंपेगी। तमिलनाडु में, कांग्रेस ने विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेट्री कज़गम के साथ सरकार बनाने का फैसला किया है। इसके बाद द्रमुक ने कांग्रेस पर महत्वपूर्ण क्षण में गठबंधन को "पीठ में छुरा घोंपने" का आरोप लगाया है।