ममता बनर्जी का राहुल गांधी से दूरी बनाना बंगाल में टीएमसी के पतन का कारण बना। ऐसा संजय राउत का कहना है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए विपक्षी एकता और राहुल गांधी की दूरदर्शिता को ही भविष्य की एकमात्र राह बताया है। शिवसेना यूबीटी सांसद ने और क्या-क्या कहा? जानिए...
शिवसेना-यूबीटी सांसद संजय राउत ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोला है। राउत ने कहा कि ममता बनर्जी ने राहुल गांधी की बात न मानकर बड़ी गलती की। उन्होंने दावा किया कि यदि ममता कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ गठबंधन की बातचीत करतीं, तो विधानसभा चुनाव के परिणाम बिल्कुल अलग हो सकते थे।
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बंगाल में 15 साल के टीएमसी शासन का अंत
294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर निर्णायक बहुमत हासिल किया है। इस जीत के साथ ही राज्य में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस का 15 साल पुराना शासन समाप्त हो गया। ममता बनर्जी खुद अपनी प्रतिष्ठित भवानीपुर सीट पर भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से हार गईं।
लोकतंत्र की जीत नहीं, धांधली है- राउत
संजय राउत ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि यह लोकतंत्र की जीत नहीं है। राउत के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिए लाखों मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए थे।
राउत ने राहुल गांधी को बताया दूरदर्शी नेता
संजय राउत ने कहा कि ममता बनर्जी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन जैसे प्रमुख विपक्षी नेताओं की हार के बावजूद इंडिया गठबंधन का भविष्य बहुत उज्ज्वल है। उन्होंने कहा, 'ममता बनर्जी ने राहुल गांधी की बात न मानकर बड़ी भूल की। अगर उन्होंने चुनाव से पहले कांग्रेस के साथ गठबंधन पर चर्चा की होती, तो नतीजे अलग होते।'
राउत ने आगे कहा, 'लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जो कहा था कि बंगाल और तमिलनाडु के चुनाव नतीजे चुराए गए हैं, वह सच साबित हुआ। वह एक दूरदर्शी नेता हैं।'
भाजपा की हार का किया पूर्वानुमान
राउत ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि एक समय इंदिरा गांधी ने भी अधिकांश राज्यों में जीत हासिल की थी, लेकिन बाद में उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि भाजपा भी अभी अपने शिखर पर है और भविष्य में उसे निश्चित रूप से हार का सामना करना पड़ेगा।