महाराष्ट्र में शराब पर सियासत जमकर हो रही है। जब से शिवसेना ने सुपर बाजारों व दुकानों पर वाइन बिक्री की इजाजत दी है, भाजपा उस पर हमलावर है। उधर, शिवसेना इस कदम का बचाव कर रही है। अब शिवसेना नेता संजय राउत का एक और बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि फडणवीस सरकार शराब की ऑनलाइन बिक्री और होम डिलीवरी की योजना बना रही थी। यह क्या था? इसके आगे संजय राउत ने कहा कि भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा कहती हैं कि शराब दवा है और इसे कम मात्रा में पिएं। संजय राउत ने कहा कि हमने किसानों की आज दोगुनी करने के लिए यह फैसला लिया है। भाजपा सरकार ने किसानों के लिए कुछ नहीं किया।
वाइन शराब नहीं
इससे पहले सरकार के फैसले का विरोध कर ही भाजपा पर संजय राउत ने हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि वाइन शराब नहीं है। यदि वाइन की बिक्री बढ़ती है तो इससे महाराष्ट्र के किसानों को लाभ होगा। कहा था कि भाजपा इसका विरोध कर रही है, लेकिन उसने किसानों के लिए कुछ नहीं किया। हमने महाराष्ट्र के किसानों की आय दोगुनी करने के लिए वाइन बिक्री को लेकर यह कदम उठाया है।
किसानों की दुश्मन है भाजपा
शिवसेना सांसद राउत ने एक दिन पहले मुंबई में पत्रकारों से चर्चा में कहा था कि वाइन उद्योग काफी हद तक अंगूर, चीकू, अमरूद और अनाजों पर निर्भर है। किसान जो फल और अनाज उपजाते हैं, उनसे वाइन बनती है। यह निर्णय किसानों के हित में लिया है। किसानों के हित में साहसी फैसले करने पड़ते हैं। जो इसका विरोध कर रहे हैं, वे किसानों के दुश्मन हैं।
फडणवीस ने कहा था- मद्य राष्ट्र
भाजपा का कहना है कि पेट्रोल-डीजल सस्ता करने की बजाए राज्य सरकार शराब बिक्री की सुविधाएं दे रही है। महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह महाराष्ट्र है कि मद्यराष्ट्र है? कोरोना काल में किसानों और गरीबों के लिए एक भी मदद की घोषणा राज्य सरकार ने नहीं की। इन्हें बस शराब की चिंता है। पेट्रोल और डीजल महंगा है और शराब सस्ती हो रही है।
वाइन और शराब में जमीन-आसमान का फर्क : पवार
महाराष्ट्र में सुपर मार्केट और बड़े किराना स्टोर में वाइन खुलेआम बेचने की अनुमति देने के बाद से महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार के नेता वाइन की नई परिभाषा गढ़ रहे हैं। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि वाइन और शराब में जमीन-आसमान का फर्क है। सूबे में वाइन की खुलेआम बिक्री के फैसले पर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि वे महाराष्ट्र को मद्यराष्ट्र नहीं बनने देंगे।
इस पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में किसान कई तरह के फल पैदा करते हैं। वाइन अंगूर से बनाई जाती है। हमारे राज्य में वाइन पीने वालों की संख्या बहुत कम है। महाराष्ट्र में जितनी वाइन तैयार होती है, उतनी खपत नहीं होती। इसे दूसरे राज्यों और विदेशों को भेजा जाता है। कई देशों में वाइन को पानी की जगह पिया जाता है। हमने शराब नहीं, बल्कि वाइन को सुपर स्टोर में बेचने की अनुमति दी है। कुछ लोग वीडियो क्लिप तैयार कर सरकार को बदनाम कर रहे हैं।