जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के तिरंगे को न उठाने और अनुच्छेद 370 को वापस लाने के बयान पर देश में सियासी माहौल गरमा गया है। वहीं, शिवसेना के प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने महबूबा मुफ्ती के बयान की कड़ी आलोचना की है और कहा है कि उन्हें गिरफ्तार कर 10 सालों के लिए अंडमान भेजना चाहिए।
संजय राउत ने कहा, चाहे फारूक अब्दुल्ला हों या महबूबा मुफ्ती, अगर कोई भारत के संविधान को चुनौती देने के लिए चीन की मदद लेने की बात करता है, तो उन्हें गिरफ्तार कर 10 साल के लिए अंडमान भेजा जाना चाहिए। वे लोग ऐसे कैसे घूम रहे हैं?
इससे पहले भी शिवसेना नेता राउत ने महबूबा मुफ्ती पर हमला बोला था। राउत ने कहा था, अगर महबूबा मुफ्ती, फारूक अब्दुल्ला और अन्य लोग चीन की मदद से कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू करना चाहते हैं तो केंद्र सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए। अगर कोई भी व्यक्ति जो कश्मीर में तिरंगा फहराना चाहता है, उसे रोका जाता है, तो मैं इसे 'राष्ट्रद्रोह' मानता हूं।
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दरअसल हाल ही में, महबूबा मुफ्ती ने तिरंगे को ना उठाने की बात कही थी। महबूबा ने कहा था कि हम अनुच्छेद 370 को वापस लेकर रहेंगे। जब तक ऐसा नहीं हो जाता है, मैं कोई भी चुनाव नहीं लडूंगी। जिस समय हमारा ये झंडा (कश्मीर का झंडा) वापस आएगा, हम उस (तिरंगा) झंडे को भी उठा लेंगे। जब तक हमारा झंडा वापस नहीं आता, तब तक हम किसी और झंडे को हाथ में नहीं उठाएंगे।