भाजपा की कभी हमराह रही शिवसेना ने अब उसकी दिल्ली की हार को लेकर ताना मारा है। दिल्ली चुनाव नतीजों के बाद आप नेता अरविंद केजरीवाल के रविवार को तीसरी बार मुख्यमंत्री की कमान संभालाने के मौके पर शिवसेना ने कहा अपने मुखपत्र सामना में कहा कि बाप रे! पूरी दिल्ली देशद्रोही! दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणाम ने यह दिखा दिया है कि प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री शाह अजेय नहीं हैं। राउत ने लिखा है कि दूसरी बात मतलब मतदाता बेईमान नहीं हैं. धर्म का बवंडर पैदा किया जाता है, उसमें वे बहते नहीं हैं। राम श्रद्धा की जीत हैं ही लेकिन कुछ विजय हनुमान भी दिलाते हैं। दिल्ली में ऐसा ही हुआ।
भाजपा अजेय नहीं
उन्होंने लिखा है कि लोकसभा चुनाव में मजबूत और अभेद्य रही भाजपा विधानसभा चुनाव में ताश के पत्तों से बने बंगले की तरह धराशायी हो जाती है, ऐसा दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणाम ने स्पष्ट कर दिया। भाजपा अजेय नहीं है और मोदी-शाह के कारण चुनाव जीता जा सकता है, इस दंतकथा से लोगों को अब तो बाहर निकलना चाहिए। भाजपा का गुब्बारा फूटने की शुरुआत हो गई है।
भाजपा को पहले ही लग गया था कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की‘नैया’ डूब रही है, ये विश्वास होते ही भाजपा ने हुकुम का इक्का बाहर निकाला। सीधे प्रभु श्रीराम को ही चुनाव प्रचार में उतार दिया। संसद के अधिवेशन के दौरान ही पीएम मोदी ने संसद में रामजन्म भूमि ट्रस्ट की घोषणा करके राम मंदिर का कार्य प्रारंभ हो रहा है, ऐसी सार्वजनिक घोषणा की, लेकिन राम मंदिर की घोषणा का कोई भी ‘करंट’ दिल्ली विधानसभा में नहीं ला सकी।
शाहीन बाग के विरोध का फायदा नहीं मिला भाजपा को
राउत ने लिखा है कि शाहीन बाग में नागरिकता कानून के विरोध में मुसलमान धरने पर बैठे। भाजपा ने इसका इस्तेमाल हिंदू बनाम मुसलमान के तौर पर किया, लेकिन भाजपा की सबसे दयनीय हार हिंदू बहुल निर्वाचन क्षेत्रों में ही हुई। केजरीवाल को हिंदू-मुसलमान, ईसाई, दलित, सिख सभी ने वोट दिए। देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री और मजबूत गृहमंत्री की उन्होंने नहीं सुनी।