बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय द्वारा स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने के बाद उनके चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, पूर्व डीजीपी ने फिलहाल इन बातों का खंडन किया। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू उन्हें टिकट दे सकती है।
वहीं, शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने नीतीश पर हमला बोलते हुए कहा है कि गुप्तेश्वर पांडेय को जो पार्टी टिकट देगी, वह भरोसे के लायक नहीं होगी। राउत ने कहा कि पांडेय को राजकीय तांडव का इनाम मिलने जा रहा है।
संजय राउत ने कहा, जो पार्टी उन्हें (गुप्तेश्वर पांडेय) उम्मीदवार बनाती है, उस पर लोग भरोसा नहीं करेंगे। महाराष्ट्र पर उनके 'राजकीय तांडव' के पीछे का एजेंडा अब स्पष्ट है। वह मुंबई मामले पर अपने बयानों के साथ एक राजनीतिक एजेंडा चला रहे थे और अब वह अपना पुरस्कार प्राप्त करने जा रहे हैं।
गौरतलब है कि सेवानिवृत्ति के बाद चुनाव लड़ने के कयास लगाए जाने के बीच पूर्व डीजीपी ने बुधवार को बताया कि उन्होंने किसी पार्टी का दामन नहीं थामा है, लेकिन जब वह ऐसा करेंगे तो इसकी जानकारी देंगे।
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पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने संवाददाता सम्मेलन करते हुए कहा, मैंने नौकरी से सेवानिवृत्ति ले ली है। मैंने हमेशा निष्पक्षता से काम किया है। उन्होंने कहा, फिलहाल मैंने भविष्य को लेकर कुछ तय नहीं किया है। हालांकि, लोगों से बातकर आगे के बारे में तय करूंगा।
उन्होंने कहा, मैंने किसी पार्टी का दामन नहीं थामा है, लेकिन किसी पार्टी में शामिल होऊंगा तो इस बारे में सभी को जानकारी दूंगा। फिलहाल मैंने तय नहीं किया है कि किस पार्टी में जाना है। जहां तक सामाजिक कार्यों की बात है तो वह मैं राजनीति में जाए बगैर ही कर सकता हूं।
माना जा रहा है कि बिहार के पूर्व डीजीपी जेडीयू में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, फिलहाल उन्होंने किसी भी पार्टी में शामिल होने की बात नहीं की है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट है कि वह बक्सर विधानसभा सीट से जेडीयू के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ सकते हैं।