शिवसेना सांसद संजय राउत ने रविवार को एक बार फिर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों भाई-बहनों के सामने अपनी पार्टी को फिर से मजबूत करने की बड़ी चुनौती है और इससे पार पाना इतना आसान नहीं है। शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में अपने साप्ताहिक स्तंभ ‘रोखठोक’ में राउत ने कहा कि गांधी भाई-बहनों को लोकमान्य तिलक से प्रेरणा लेनी चाहिए, जिन्होंने कांग्रेस को राजनीतिक क्रांति के हथियार में बदल दिया था। 'सामना’ के कार्यकारी संपादक राउत ने लिखा कि उन्होंने पिछले सप्ताह राहुल गांधी और गुलाम नबी आजाद से मुलाकात की थी। राउत ने कहा कि बैठक के दौरान, राहुल गांधी ने उनसे कहा कि कांग्रेस में नेता बनने और बनाने की व्यवस्था बंद हो गई है और कांग्रेस ने कभी भी वरिष्ठ नेताओं का अपमान नहीं किया।
राउत ने लिखा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मुझसे कहा कि पार्टी ने अपने बड़े नेताओं को बहुत कुछ दिया है लेकिन जब पार्टी को उनकी जरूरत होती है तो वे अलग स्टैंड ले रहे होते हैं। राउत ने राहुल गांधी के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने मुझसे कहा कि इस स्थिति में मैं क्या कर सकता हूं? शिवसेना के नेता ने अपने स्तंभ में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बारे में लिखते हुए कहा कि दोनों भाई बहनों की कार्यशैली भी बहुत अलग है, लेकिन कहा कि उनके बीच एकमत है।
राहुल से विचार करने के बाद ही प्रियंका गांधी फैसला लेती हैं: राउत
संजय राउत ने कहा कि दोनों के सामने कांग्रेस को फिर से मजबूत करने की बड़ी चुनौती है। राउत ने कहा कि यदि आप किसी भी राजनीतिक चर्चा में प्रियंका गांधी से त्वरित रुख की उम्मीद करते हैं, तो वह कहती हैं कि उन्हें अपने भाई के साथ चर्चा करनी होगी। इनमें आगामी गोवा और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति से संबंधित मामले भी शामिल हैं।