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राउत को नसीहत: प्रियंका चतुर्वेदी बोलीं- देश को किसी से सीखने की जरूरत नहीं; अल्बानिया के जिक्र पर जताई आपत्ति

Tue, 20 Oct 2026 01:10 PM IST
देवेश त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

अल्बानिया में अशांति को लेकर शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत के बयान पर पार्टी की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने असहमति जताई। उन्होंने कहा कि भारत को दूसरे देशों से सीखने की जरूरत नहीं है और हिंसक तरीके से सत्ता परिवर्तन लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है। राउत ने अल्बानिया का जिक्र करते हुए भारत को सबक लेने की बात कही थी।
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संजय राउत को अपनी ही पार्टी की नेता से मिली सलाह - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के अल्बानिया में अशांति से जुड़े बयान पर पार्टी की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने असहमति जताई है। प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि भारत को किसी दूसरे देश से सीखने की जरूरत नहीं है और कानून अपने हाथ में लेने, व्यवस्था बिगाड़ने तथा संवैधानिक संस्थाओं को अस्थिर करने की सोच पूरी तरह अस्वीकार्य है।
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प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि अल्बानिया एक छोटा देश है, जिसने कम्युनिस्ट तानाशाही के तहत कई साल बिताए हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट या संसद जैसी संस्थाओं को निशाना बनाना और अराजकता फैलाना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

संजय राउत के बयान पर क्या बोलीं प्रियंका चतुर्वेदी?
प्रियंका चतुर्वेदी ने आईसा की नेहा बोरा के बांग्लादेश में हुए विरोध प्रदर्शनों का उदाहरण देकर सत्ता परिवर्तन की प्रेरणा लेने की बात पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जो लोग सत्ता परिवर्तन के लिए बांग्लादेश में हुए विरोध प्रदर्शनों से प्रेरणा लेने की बात करते हैं, यह बेहद खेदजनक है।
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प्रियंका चतुर्वेदी के मुताबिक, बांग्लादेश में छात्र आंदोलन के बाद इस्लामी आंदोलन ने प्रदर्शन को अपने प्रभाव में ले लिया, जिसके बाद हिंदुओं समेत अल्पसंख्यकों पर हमले हुए। उन्होंने कहा, ''लोकतंत्र में हिंसक तरीके से सत्ता परिवर्तन की कोई जगह नहीं है। भारत को अल्बानिया, पेरिस या ऐसे दूसरे उदाहरणों से प्रेरणा नहीं लेनी चाहिए।''

संजय राउत ने दिया था क्या बयान?
इससे पहले संजय राउत ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में लिखा था कि अल्बानिया के लोगों ने सुप्रीम कोर्ट को जला दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि लोग इस बात से नाराज थे कि सुप्रीम कोर्ट भ्रष्ट प्रधानमंत्रियों की मदद कर रहा था। राउत ने यह भी दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने संसद, सरकारी कार्यालयों और मंत्रियों के घरों पर हमला किया। उन्होंने लिखा कि सभी देशों, खासकर भारत को इन घटनाओं से सबक लेना चाहिए।

विवाद के बाद राउत ने सुप्रीम कोर्ट को लेकर क्या कहा?
बाद में संजय राउत ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि अगर यह सरकार सत्ता में बनी रहती है, तो अराजकता फैलना तय है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस मामले पर ध्यान देना चाहिए। राउत ने कहा कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है और केवल यही संस्था देश को बचा सकती है। राउत ने आगे कहा कि अगर अपने ही देश में तिरंगा नहीं फहरा सकते, तो फिर क्या किया जा सकता है। उन्होंने दोहराया कि इससे अराजकता पैदा होगी और सुप्रीम कोर्ट को इस मामले पर विचार करना चाहिए।
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