कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मुंबई इकाई के प्रमुख संजय निरुपम अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने पीएम मोदी को लेकर ऐसा बयान दिया है जिसकी वजह से वह विवादों से घिर गए हैं। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार के उस फैसले का विरोध किया है जिसमें राज्य के स्कूल में प्रधानमंत्री पर बनी फिल्म दिखाने की बात कही है। कांग्रेस नेता के बयान पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जाहिर की है।
इसी फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए
संजय निरुपम ने कहा, 'जो बच्चे स्कूल, कॉलेज में पढ़ रहे हैं मोदी जैसे अनपढ़-गंवार के बारे में जानकर उननो क्या मिलने वाला है? यदि कोई बच्चा पीएम की शैक्षणिक योग्यता के बारे में सवाल करेगा तो आप उसे क्या बताएंगे? लोगों को उनकी योग्यता नहीं पता है। किन ताकतों ने दिल्ली विश्विद्यालय पर दवाब डाला ताकि उनकी डिग्री जारी ना की जाए। जबकि उन्होंने दावा किया था वह वहां पढ़ चुके हैं?'
अपने बयान पर विवाद होने के बाद निरुपम ने कहा कि यह
लोकतंत्र है और पीएम लोकतंत्र के भगवान नहीं हैं। लोग डेकोरम को मेंटेन करते हुए उनके बारे में बोलते हैं। मैंने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया वह मर्यादाहीन नहीं थे। भाजपा महाराष्ट्र इकाई के प्रवक्ता शाइना एनसी ने निरुपम को ‘मानसिक तौर पर विक्षिप्त’ करार दिया है। महाराष्ट्र से भाजपा सांसद अनिल शिरोले ने भी कांग्रेस नेता पर हमला किया है।
शिरोले ने ट्वीट कर कहा, 'पीएम किसी पार्टी के प्रतिनिधि नहीं होते हैं। वह यहां के लोगों और देश के प्रधानमंत्री हैं। संजय निरुपम आपने हमारे पीएम की बेइज्जती और अनादर करके उनके दफ्तर, देश और उस संविधान का अपमान किया है जिसे कि डॉक्टर बाबासाहेब अंबेडकर जी ने बनाया था।'