देशभर में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए रेलवे प्रशासन भी सख्त हो गया है। एक ओर जहां रेल यात्रियों को स्टेशन के अलावा ट्रेनों के भीतर भी कोविड प्रोटोकाल का पालन करने पर जोर दिया जा रहा है। वहीं, दूसरी तरफ हर स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा को देखते ट्रेनों में सैनिटाइजेशन भी शुरू कर दिया है। प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर अब यात्री ट्रेनों के अंदर भी सैनिटाइजेशन किया जा रहा है ताकि सफर के दौरान यात्रियों को कोविड संक्रमण का खतरा कम हो सके।
कोरोना संकट के बीच विभिन्न राज्यों तक ऑक्सीजन पहुंचाने में भारतीय रेलवे अहम भूमिका निभा रहा है। रेलवे ने देशभर में ऑक्सीजन एक्सप्रेस चलाकर पिछले 10 दिनों में 640 मीट्रिक टन ऑक्सीजन सप्लाई की है। रेलवे द्वारा ऑक्सीजन ढुलाई में सहयोग करने से ऑक्सीजन टैंकर के आने-जाने का वक्त बेहद कम हो गया है। रेलवे की तरफ से पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस 19 अप्रैल को शुरू की गई थी। पहली ट्रेन खाली टैंकर लेकर मुंबई से विशाखापट्टनम तक गई थी। वहां से आक्सीजन लेकर आई थी। इसके बाद रेलवे ने अपना दायरा बढ़ाते हुए महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और हरियाणा समेत कई राज्यों में आक्सीजन की डिलीवरी की जा रही है।
ऑक्सीजन एक्सप्रेस चलाने के साथ ही रेलवे ने कोविड केयर कोच की तैनाती भी स्टेशनों पर शुरू कर दी गई है। वर्तमान समय में 4002 ऐसे कोच हैं, जिनको कोविड कोच के रूप में परिवर्तित किया गया है। रेलवे ने इन्हें चलते-फिरते अस्पताल के तौर पर बनाया है। इनमें एक साथ 64,000 मरीजों की देखभाल की जा सकती है। रेल मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में 169 कोच विभिन्न राज्यों को सौंप दिए गए हैं। इन कोचों का इस्तेमाल उन मरीजों के लिए किया जा सकता है, जिनकी हालत बहुत गंभीर नहीं है। राज्य सरकार की मांग पर रेलवे कोविड केयर कोच शुरू कर रही है। महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश रेलवे ने कोविड केयर कोच दिए हैं।