शहरों की तर्ज पर देश के गांवों का स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान शुरू हो गया है। इसमें 45 दिनों के भीतर 17,575 गांवों में साफ-सफाई का आकलन करेगी। इस दौरान टीम प्लास्टिक और कूड़े के निस्तारण और ग्राम पंचायत स्तर पर स्वच्छता की जांच करेगी। विजेताओं की घोषणा 2 अक्तूबर महात्मा गांधी की 150वीं पुण्यतिथि पर गुजरात में दिए जाएंगे।
मंत्रालय का यह दूसरा सर्वेक्षण है, पहले सर्वेक्षण में छह हजार गांवों में स्वच्छता का आकलन किया गया था। मंगलवार को दिल्ली में हुए कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत जल शक्ति मंत्रालय ने ऐलान किया कि कामों की निष्पक्ष जांच के लिए थर्ड पार्टी सर्वेक्षण कराया जा रहा है। इसमें गांवों की आंगनबाड़ियों, सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक शौचालयों, बाजारों और धमक स्थानों जैसे लगभग 87,250 सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छता सर्वेक्षण में शामिल किया जाएगा।
इसमें 2,50,000 नागरिकों से प्रत्यक्ष रूप से बातचीत करके रिपोर्ट को तैयार किया जाएगा। यह देश का सबसे बड़ा स्वच्छता सर्वेक्षण है। इसमें 700 जिलों के 17,475 हजार गांव इसमें शामिल होंगे। इसके अलावा सीधे मोबाइल एप के माध्यम से भी लोग अपने गांव की साफ-सफाई पर रायशुमारी कर सकेंगे। पिछले बार सर्वे में डेढ़ करोड़ लोगों ने हिस्सा लिया था।