देश भर के स्कूलों में पहली से 12वीं कक्षा तक छात्राओं को शारीरिक शिक्षा में पर्सनल हाइजीन का पाठ पढ़ाया जाएगा, ताकि वे पाठ्यक्रम के तहत शरीर में होने वाले परिवर्तन और मासिक धर्म से जुड़ी जानकारियों को जान सकें।
एनसीईआरटी ने छात्राओं के लिए खासतौर पर पाठ्यक्रम तैयार किया है। खास बात यह है कि सरकार केंद्रीय विद्यालयों के बाद अब सरकारी समेत अन्य स्कूलों और हॉस्टल में गर्ल्स टायलेट में वेंडिंग मशीन में सेनेटरी नेपकिन मुहैया करवाएगी।
अधिकारियों के मुताबिक, मानव संसाधन विकास मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सहयोग से छात्राओं को पर्सनल हाइजीन के प्रति जागरूक किया जाएगा। डब्ल्यूएचओ के सर्वे में सामने आया था कि ग्रामीण ही नहीं, बल्कि शहरी इलाकों में भी छात्राएं व महिलाएं पर्सनल हाइजीन के प्रति जागरूक नहीं हैं।
इस कारण इंफेक्शन होने से कई गंभीर बीमारियों की चपेट में आ जाती हैं। इसी के तहत छात्राओं को मासिक धर्म के तहत शरीर में परिवर्तन, सेनेटरी नेपेकिन के फायदे समेत अन्य जानकारियां शारीरिक शिक्षा विषय के तहत पढ़ायी जाएगी।
बता दें कि फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तहत सरकार ने 40 केंद्रीय विद्यालय के गर्ल्स टायलेट में सेनेटरी नेपकिन वेंडिंग मशीन लगायी है। इसी योजना के तहत सरकार ने केंद्रीय बजट में सेनेटरी नेपेकिन पर टैक्स में भी छूट दी है।