Shahjahan Sheikh: 55 दिन की फरारी के बाद गिरफ्तार हुआ था शाहजहां शेख, अब सीबीआई को कस्टडी कैसे मिली?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Wed, 06 Mar 2024 08:27 PM IST
सार
Sandeshkhali Case and Shahjahan Sheikh: पश्चिम बंगाल के संदेशखाली मामले में टीएमसी से निलंबित नेता शाहजहां शेख कई दिनों तक फरार था। 29 फरवरी को पश्चिम बंगाल पुलिस ने आरोपी शाहजहां को गिरफ्तार किया था। अब पुलिस ने शाहजहां की कस्टडी सीबीआई को सौंप दी है।
शाहजहां शेख
- फोटो : AMAR UJALA
संदेशखाली मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस से निलंबित नेता शाहजहां शेख को हिरासत में ले लिया। इससे पहले शाहजहां पश्चिम बंगाल पुलिस की सीआईडी की हिरासत में था।
5 जनवरी को राशन घोटाला केस में ईडी शाहजहां के ठिकानों पर छापेमारी करने गई थी। इस दौरान शाहजहां के समर्थकों ने अधिकारियों की टीम पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद से ही वह फरार हो गया था। इस बीच संदेशखाली की महिलाओं ने भी शाहजहां के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इन महिलाओं ने शाहजहां और उसके समर्थकों पर शोषण और जबरन जमीन कब्जाने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए। वहीं कई दिनों तक गिरफ्तारी न होने के कारण न्यायालय ने बंगाल पुलिस को कठघरे में खड़ा किया। आखिरकार 55 दिन बाद आरोपी बंगाल पुलिस की गिरफ्त में आया।
आइए जानते हैं कि संदेशखाली मामला क्या है? शाहजहां कैसे कब से फरार था? फरारी के बाद क्या हुआ? शाहजहां के मामले में अदालत ने क्यों दखल दिया? 55 दिन बाद शाहजहां कैसे गिरफ्तार हुआ? इस मामले में अभी हो रहा है?
शाहजहां शेख
- फोटो : AMAR UJALA
संदेशखाली मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस से निलंबित नेता शाहजहां शेख को हिरासत में ले लिया। इससे पहले शाहजहां पश्चिम बंगाल पुलिस की सीआईडी की हिरासत में था।
5 जनवरी को राशन घोटाला केस में ईडी शाहजहां के ठिकानों पर छापेमारी करने गई थी। इस दौरान शाहजहां के समर्थकों ने अधिकारियों की टीम पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद से ही वह फरार हो गया था। इस बीच संदेशखाली की महिलाओं ने भी शाहजहां के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इन महिलाओं ने शाहजहां और उसके समर्थकों पर शोषण और जबरन जमीन कब्जाने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए। वहीं कई दिनों तक गिरफ्तारी न होने के कारण न्यायालय ने बंगाल पुलिस को कठघरे में खड़ा किया। आखिरकार 55 दिन बाद आरोपी बंगाल पुलिस की गिरफ्त में आया।
आइए जानते हैं कि संदेशखाली मामला क्या है? शाहजहां कैसे कब से फरार था? फरारी के बाद क्या हुआ? शाहजहां के मामले में अदालत ने क्यों दखल दिया? 55 दिन बाद शाहजहां कैसे गिरफ्तार हुआ? इस मामले में अभी हो रहा है?
संदेशखाली घटना
- फोटो : Amar Ujala
संदेशखाली का पूरा मामला क्या है?
5 जनवरी को ईडी की टीम पश्चिम बंगाल के राशन घोटाले में शाहजहां शेख के आवासों पर छापेमारी करने गई थी। इस दौरान ईडी के अधिकारियों की गाड़ियों पर पत्थरबाजी की गई। आरोप टीएमसी नेता शाहजहां शेख के समर्थकों पर लगा। इसके बाद से शाहजहां शेख फरार हो गया और समन करने के बावजूद एजेंसी के सामने पेश नहीं हुआ।
इधर ईडी ने घटना को लेकर एक शिकायत दर्ज कराई जिसके आधार पर शाहजहां के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। एक अधिकारी ने जानकारी दी कि केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों पर हमला करने के लिए अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी दर्ज की। इसके अलावा एजेंसी ने शाहजहां के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया था।
संदेशखाली घटना
- फोटो : ANI
ईडी पर हमले के बाद क्या हुआ?
ईडी टीम पर हमले के बाद शाहजहां फरार हो गया। इस घटना के करीब एक महीने बाद स्थानीय महिलाओं ने शाहजहां के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। संदेशखाली में 8 फरवरी से महिलाएं शाहजहां शेख और उसके समर्थकों के खिलाफ उतर गईं। इन महिलाओं ने शाहजहां और उसके समर्थकों पर शोषण करने और जबरन जमीन कब्जाने जैसे कई आरोप लगाए। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने शाहजहां और उसके करीबी उत्तम सरदार और शिबप्रसाद हाजरा पर भी इन सभी में शामिल होने के आरोप लगाए।
9 फरवरी को तनाव तब बढ़ गया जब प्रदर्शनकारी महिलाओं ने शाहजहां समर्थक हाजरा के स्वामित्व वाले तीन पोल्ट्री फार्मों को जला दिया। महिलाओं का दावा था कि वे स्थानीय ग्रामीणों से जबरन छीनी गई जमीन पर बने थे।
वहीं 10 फरवरी को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने घटना को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार को त्वरित और प्रभावी रूप से कार्रवाई करनी होगी।
महिलाओं के विरोध के बीच बंगाल राज्य की विपक्षी पार्टी भाजपा ने भी प्रदर्शन शुरू कर दिया। 12 फरवरी को भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने एक प्रेस वार्ता की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पर जमकर हमला बोला और सरकार पर संदेशखाली हिंसा को लेकर गंभीर आरोप लगाया। इसके साथ ही ही संदेशखाली की घटना बंगाल की न होकर देशभर में चर्चा का विषय बन गई। तब से लेकर अब तक राज्यपाल, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, फैक्ट फाइडिंग टीम ने तनावग्रस्त क्षेत्र का दौरा किया और पीड़ितों से मुलाकात की।
संदेशखाली घटना
- फोटो : ANI
मामले में अदालत ने क्यों दखल दिया?
संदेखाली मामले में भाजपा और टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा। दूसरी ओर मामला अदालत तक भी पहुंच गया। सुनवाइयों के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट ने संदेखाली मामले के मुख्य आरोपी शाहजहां शेख की गिरफ्तारी न होने पर हैरानी जताई। कोर्ट ने कहा कि हमें नहीं पता कि आरोपी की सुरक्षा की जा रही है या नहीं, लेकिन ये आश्चर्य की बात है कि अब तक पश्चिम बंगाल की पुलिस आरोपी को गिरफ्तार ही नहीं कर पाई है।
26 फरवरी को कलकत्ता हाईकोर्ट ने संदेशखाली मामले पर मीडिया रिपोर्ट्स का स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि संदेशखाली मामले में शाहजहां शेख की गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं है और उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा, 'एफआईआर में भी बतौर आरोपी शाहजहां शेख का नाम है। ऐसे में उसे गिरफ्तार करने की जरूरत है।' कोर्ट ने कहा कि शाहजहां को बंगाल पुलिस के साथ-साथ सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी गिरफ्तार कर सकते हैं। अदालत की लगातार कड़ी फटकार के बीच आखिरकार 29 फरवरी को बंगाल पुलिस ने शाहजहां शेख की गिरफ्तारी की।
शाहजहां शेख
- फोटो : एएनआई
आखिर 55 दिन बाद शाहजहां कैसे गिरफ्तार हुआ था?
बंगाल पुलिस ने उत्तर 24 परगना जिले से शाहजहां शेख की गिरफ्तारी की थी। जानकारी के अनुसार, वह मिनाखा इलाके में एक घर से छिपा हुआ था। कहा गया कि शाहजहां को 29 फरवरी की अल सुबह तीन बजे गिरफ्तार किया गया। संदेशखाली हिंसा के मुख्य आरोपी शाहजहां शेख को को गिरफ्तारी के बाद उसे बशीरहाट की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने शाहजहां को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
सीबीआई हिरासत में शाहजहां शेख (वीडियो ग्रैब)
- फोटो : ani
इस मामले में अभी हो रहा है?
संदेशखाली मामले में मुख्य आरोपी शाहजहां शेख अब सीबीआई की हिरासत में है। बुधवार (6 मार्च) को पश्चिम बंगाल पुलिस की अपराध अनुसंधान शाखा (CID) ने शाहजहां शेख की कस्टडी सीबीआई को सौंप दी। यह कार्रवाई कलकत्ता हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद हुई है। हाईकोर्ट ने कहा है कि संदेशखाली मामले की जांच सीबीआई करेगी। इस मामले में सीबीआई ने तीन प्राथमिकी दर्ज की है।