विशाखापत्तनम में 14-17 अक्टूबर तकभारत-इंडोनेशिया संयुक्त समुद्री अभ्यास
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भारत और इंडोनेशिया की नौसेना 'समुद्र शक्ति 2025' के तहत विशाखापत्तनम में द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास कर रही है। जिसका मकसद दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच अंतर-संचालन क्षमता को बढ़ाना, आपसी समझ को मजबूत करना और सर्वोत्तम अभ्यास को साझा करना है।
अधिकारियों ने बुधवार (15 अक्तूबर) को जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय व इंडोनेशियाई नौसेना का यह 14 अक्टूबर से शुरू हुआ है, जो 17 अक्टूबर तक विशाखापत्तनम में चलेगा। रक्षा मंत्रालय के अनुसार इसमें भाग लेने वाली इकाइयों में पूर्वी नौसेना कमान (ईएनसी) के तत्वावधान में पूर्वी बेड़े का एक पनडुब्बी रोधी युद्धपोत आईएनएस कवरत्ती और एक हेलीकॉप्टर सहित इंडोनेशियाई नौसेना का एक युद्धपोत केआरआई जॉन लाइ शामिल हैं, जिनका ईएनसी ने गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
अधिकारी ने कहा कि अभ्यास समुद्र शक्ति हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और शांति बनाए रखने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। संयुक्त समुद्री अभ्यास दो चरणों में किया जा रहा है। जिसमें हेलीकॉप्टर ऑपरेशंस, वायु रक्षा अभ्यास, हथियार फायरिंग ड्रिल्स जैसे सैन्य अभ्यास शामिल हैं।
बंदरगाह चरण में सौहार्द और पेशेवर तालमेल बनाने के उद्देश्य से कई गतिविधियां शामिल हैं, जिनमें क्रॉस-डेक दौरे, संयुक्त योग सत्र, मैत्रीपूर्ण खेल कार्यक्रम और पेशेवर विषय विशेषज्ञों का आदान-प्रदान शामिल है। वहीं सागर चरण में गतिशील और जटिल समुद्री अभियान शामिल होंगे, जिनका उद्देश्य सामरिक समन्वय को बढ़ाना है, जिसमें हेलीकॉप्टर संचालन, वायु रक्षा अभ्यास, हथियार फायरिंग अभ्यास और विजिट, बोर्ड, सर्च एंड सीजर (वीबीएसएस) अभ्यास शामिल हैं।