महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के अक्कलकोट में शिव धर्म फाउंडेशन के सदस्यों ने रविवार को संभाजी ब्रिगेड के संस्थापक सदस्य प्रवीण गायकवाड़ के साथ कथित तौर पर मारपीट की। इस दौरान उन पर काली स्याही भी फेंकी गई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमलावर प्रवीण गायकवाड़ की ओर से 19वीं सदी के एक प्रतिष्ठित संत, स्वामी समर्थ पर की गई कथित टिप्पणी से नाराज थे।
अधिकारी ने बताया कि प्रवीण फत्तेसिंह शिक्षण संस्थान और सकल मराठा समाज की ओर से अक्कलकोट में आयोजित एक सम्मान समारोह में शामिल होने आए थे। यहां संत की समाधि स्थित है। यहीं आज दोपहर यह घटना हुई।
अधिकारी ने कहा, 'जब गायकवाड़ अपनी कार में थे, तब शिव धर्म फाउंडेशन के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया, उन पर काली स्याही फेंकी और उनकी कार में तोड़फोड़ करने की भी कोशिश की। गायकवाड़ को उनकी कार से बाहर निकाला गया और उनके साथ मारपीट भी की गई।'
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि संभाजी ब्रिगेड का नाम बदलकर छत्रपति संभाजी महाराज ब्रिगेड कर दिया जाए। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए गायकवाड़ ने कहा कि यह उनके प्रगतिशील विचारों के लिए उनकी हत्या का प्रयास था।
'हमला किया, मुझे मारने की कोशिश की'
उन्होंने दावा किया, 'मैं अक्कलकोट गया था और अचानक शिव धर्म फाउंडेशन के सदस्यों ने मुझ पर काला, चिपचिपा तेल फेंका। उन्होंने मुझ पर हमला किया और मुझे मारने की कोशिश की। आपको डॉ. पानसरे, कलबुर्गी, डॉ. दाभोलकर और गौरी लंकेश की हत्याएं याद होंगी। मौजूदा शासन में प्रगतिशील विचारों वाले कार्यकर्ता असुरक्षित हैं।'
'सच्चाई पर आधारित विचारधारा के साथ काम करते हैं'
गायकवाड़ ने आगे कहा, 'कभी-कभी राजनीतिक दलों को तोड़ने की कोशिशें होती हैं। फिर कार्यकर्ताओं को बांटने की कोशिशें होती हैं। जब ऐसी सारी कोशिशें नाकाम हो जाती हैं, तो ऐसे हमले किए जाते हैं। हम सच्चाई पर आधारित विचारधारा के साथ काम करते हैं। हमारी सोच संविधान के अनुरूप है। संभाजी ब्रिगेड मानवता के लिए काम कर रही है, लेकिन दुर्भाग्य से सामाजिक संगठनों के बारे में कुछ भ्रांतियां फैलाई जाती हैं, जिसके बाद हिंदुत्व विचारधारा का पालन करने का दावा करने वाले लोग ऐसे हमले करते हैं।
अमोल कोल्हे और जितेंद्र आव्हाड का मिला साथ
हमले की निंदा करते हुए राकांपा (सपा) के लोकसभा सांसद अमोल कोल्हे ने कहा, 'वैचारिक विरोध विचारों के माध्यम से व्यक्त किया जाना चाहिए। हिंसा का यह रास्ता बेहद निंदनीय और निंदनीय है।' कोल्हे के सहयोगी और विधायक जितेंद्र आव्हाड ने गायकवाड़ को प्रगतिशील विचारों का समर्थक औ योद्धा बताते हुए उनका समर्थन किया।
भाजपा का कोई लेना-देना नहीं: मंत्री बावनकुले
इस बीच महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि स्वामी समर्थ पर टिप्पणी को लेकर संभाजी ब्रिगेड के संस्थापक सदस्य प्रवीण गायकवाड़ पर हुए हमले से भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है। बावनकुले ने कहा, 'गायकवाड़ पर हुए हमले से भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है। इस तरह की नीच हरकतें करना हमारे खून में नहीं है।'
बावनकुले की यह टिप्पणी मामले में आरोपी दीपक काटे के साथ उनकी कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद आई है। पुलिस ने दीपक काटे और शिवधर्म फाउंडेशन के छह अन्य सदस्यों पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत दंगा करने का मामला दर्ज किया और उन्हें हिरासत में ले लिया। भाजपा की ओर से काटे का समर्थन करने के दावों के बारे में पूछे जाने पर, बावनकुले ने कहा, 'गायकवाड़ पर हुए हमले से भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है। इस तरह की नीच हरकतें करना हमारे खून में नहीं है।'
बावनकुले ने संवाददाताओं से कहा, 'काटे को प्रवीण गायकवाड़ के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए था और भाजपा उनके इस कृत्य का समर्थन नहीं करती। एक आरोपी हमेशा आरोपी ही रहता है, चाहे वह किसी भी पार्टी का हो।' भाजपा विधान पार्षद परिणय फुके ने दावा किया कि विपक्षी राकांपा (सपा) प्रमुख शरद पवार और शिवसेना (यूबीटी) नेता सुषमा अंधारे की ओर से उनकी पार्टी की आलोचना करना उनके प्रति पूर्वाग्रह को दर्शाता है।